बिलकिस बानो केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 12 आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। 12 आरोपियों को ट्रायल कोर्ट की ओर से उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी।
कोर्ट ने इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया। बता दें कि गोधरा दंगों के बाद बिलकिस बानो पर हमला किया गया था। हमले के दौरान अहमदाबाद के रंधिकपुर में रहनेवाली बिलकिस बानो के परिवार में 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बिलकिस बानो उस समय मात्र 19 साल की थी, और 5 माह की गर्भवती थी। उनके साथ गैंगरेप किया गया था।
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बिलकिस के साथ जब 2002 में बलात्कार हुआ तो उस समय वो गर्भवती थीं। उनकी तीन साल की बेटी सालेहा की भी बेहरमी से हत्या कर दी गई। आज बिलकिस के बच्चों में बड़ी बेटी हाजरा, दूसरी फातिमा और बेटा यासीन है। लेकीन उनकी सबसे छोटी बेटी उनके लिए खास है क्योंकि उसका नाम उन्होंने सालेहा रखा है, अपनी उस बेटी की याद में जिसकी हत्या उनकी नज़रों के सामने हुई थी।
Bombay High court dismisses appeals of 12 convicts in Bilkis Bano rape and murder case, upholds their life imprisonment
— ANI (@ANI_news) May 4, 2017
Bombay HC dismisses CBI appeal to enhance punishment of certain convicts, and give them death sentence. Court convicts 5 police officers
— ANI (@ANI_news) May 4, 2017