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Mumbai: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गठित की विशेष पीठ; मराठा आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर करेगी सुनवाई

Fri, 16 May 2025 10:17 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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मराठा समुदाय को आरक्षण देने वाले कानून की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तीन जजों की विशेष पीठ का गठित की। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है। महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कानून पिछले साल पारित किया गया था। इसके तहत मराठा समुदाय को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। 

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मराठा समुदाय महाराष्ट्र की आबादी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है, और यह मुद्दा पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिक बहस का केंद्र रहा। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जारी एक नोटिस में कहा कि न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे, न्यायमूर्ति एन.जे. जामदार और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। हालांकि, अभी तक सुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है।

पिछले साल, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय की अगुवाई वाली पीठ ने इस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि मराठा समुदाय पिछड़ा नहीं है और राज्य में आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा पहले ही पार की जा चुकी है। हालांकि, जनवरी 2024 में न्यायमूर्ति उपाध्याय के दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित होने के बाद सुनवाई रुक गई थी। 14 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट को विशेष पीठ गठित करने और मामले की तुरंत सुनवाई का निर्देश दिया था। यह निर्देश नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) 2025 के छात्रों की याचिका पर दिया गया। उन्होंने कहा था कि मामले में देरी से उनके प्रवेश प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

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