फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएमसी बैंक: हाईकोर्ट सख्त, पूछा खाताधारकों की मदद के लिए क्या कदम उठाए, अबतक आठ की मौत

Tue, 05 Nov 2019 04:50 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
पीएमसी बैंक - फोटो : PTI
विज्ञापन

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को आरबीआई से पूछा है कि पीएमसी बैंक खाताधारकों की मदद के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस आरआई छागला की बेंच ने रकम निकासी पर प्रतिबंध हटाने की मांग वाली खाताधारकों की याचिका पर आरबीआई से 19 नवंबर तक हलफनामा देकर अब तक उठाए कदमों का ब्योरा मांगा है।

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, आरबीआई पूरे मामले को अच्छी तरह समझती है और ऐसे मामलों की विशेषज्ञ संस्था है। हम इसके अधिकारों में दखल नहीं देना चाहतेद्व लेकिन जानना चाहते हैं कि खाताधारकों की मदद के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। ऐसे वित्तीय मामलों में आरबीआई ही फैसला ले सकता है, कोर्ट नहीं।

साथ ही कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। एक याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की कि आरबीआई को निर्देश दिया जाए कि वह खाताधारकों को लॉकर खोलने की अनुमति दे। इस पर कोर्ट ने कहा, हम या कोई भी आरबीआई को कदम उठाने से नहीं रोक सकता। अगर आरबीआई का निर्देश है कि बैंक से दूरी बनाई जाए तो खाताधारकों को इसका पालन करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

झूठी आस न बंधाएं वकील

पीठ ने वकीलों को भी आगाह किया कि बड़ी संख्या में याचिकाएं दाखिल कराकर खाताधारकों को झूठी आशाएं न बंधाएं। जस्टिस धर्माधिकारी ने कहा, कोर्ट कोई जादूगर नहीं हैं। हमें झूठी उम्मीदें नहीं देनी चाहिए। हम ग्राहकों की मुसीबत समझते हैं लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कई खाताधारकों को पता ही नहीं था कि बैंक में क्या हो रहा है।

एक और पीएमसी खाताधारक की मौत

 सहकारी पीएमसी बैंक घोटाले के चलते मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम को बैंक के एक और खाताधारक एंड्रयू लोबो की ठाणे के निकट कशेली में मौत हो गई। इसके साथ ही इस घोटाले के चलते मरने वालों का आंकड़ा आठ पर पहुंच गया है।

चौहत्तर वर्षीय लोबो के पोते क्रिस लोबो ने बताया कि उनके दादा के खाते में 26 लाख रुपये थे और उससे मिलने वाले ब्याज से वह अपनी रोजाना की जरूरतों को पूरा करते थे। दो महीने पहले उनके फेफड़े में संक्रमण हो गया था जिसके इलाज के लिए नियमित डॉक्टरी जांच और दवा की जरूरत थी उनका पैसा व परिवार के लोगों का पैसा बैंक में जमा था और आरबीआई के आदेश के बाद वह उसका इस्तेमाल नहीं कर पाए और उनका निधन हो गया।  
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें