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फैसला: हाईकोर्ट ने महिला को हिरासत में लेने से किया इनकार, जज बोले- महिला अपनी जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र

Sat, 03 Apr 2021 12:16 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने महिला के पिता की अर्जी को किया खारिज
कोर्ट ने कह- महिला बालिग है..और फैसले लेने के लिए आजाद है
महिला परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्रेमी के साथ रहने लगी
 
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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‎बंबई हाईकोर्ट ने एक महिला को हिरासत में लेने की अर्जी को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने एक महिला के खिलाफ हिरासत में लेने या आदेश पारित करने की अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि महिला बालिग है और वह अपनी जिंदगी के बारे में फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है। महिला के पिता ने कोर्ट में याचिका लगाकर उसे पुलिस हिरासत में लेने की अपील की थी। लेकिन महिला कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने दो साल बड़े साथी के साथ पेश हुई।  ‎बता दें कि महिला ने परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया है। इसके विरुद्ध महिला के माता-पिता ने कोर्ट में लापता की याचिका लगाककर उसे हिरासत में लेने की अपील की थी। 

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कोर्ट ने आधार कार्ड से उम्र सत्यापित किया
कोर्ट ने महिला के आधार कार्ड से उम्र सत्यापित करने का बाद कहा कि महिला अपने माता-पिता से मिलना नहीं चाहती है। ऐसे में उसपर कोई दबाव नहीं डाला जा सकता है। कोर्ट ने महिला के साथी को निर्देश दिया कि उनके रिश्तेदार भी महिला के माता पिता को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाए। 
महिला से जबरदस्ती नहीं की जा सकती 
‎जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस बी यू देबडवार की खंडपीठ ने महिला के पिता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि महिला 18 साल से ऊपर की हैं और वह बालिग है। महिला स्वेच्छा से आई है। ऐसे में महिला की इच्छा के खिलाफ कोई जोर जबरदस्ती नहीं की जा सकती। 

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