Jet Airways case: ईडी ने 2020 में मुंबई पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद गोयल और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। मुंबई पुलिस की प्राथमिकी एक ट्रैवल कंपनी के खिलाफ गोयल और अन्य द्वारा कथित धोखाधड़ी से संबंधित है।
मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रहे जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल को अंतरिम राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को गोयल दंपती के खिलाफ 31 जनवरी तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह ही गोयल दंपती को अंतरिम राहत दी थी, लेकिन विस्तृत आदेश मंगलवार को उपलब्ध हुआ। नरेश गोयल और उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द करने की मांग की है।
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ईडी ने 2020 में मुंबई पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद गोयल और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। मुंबई पुलिस की प्राथमिकी एक ट्रैवल कंपनी के खिलाफ गोयल और अन्य द्वारा कथित धोखाधड़ी से संबंधित है।
गोयल दंपती ने अदालत को बताया कि मुंबई पुलिस ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें पुलिस ने निष्कर्ष निकाला था कि उसे गोयल परिवार के खिलाफ आपराधिक शिकायत में कुछ भी गलत नहीं मिला है। पुलिस ने इस विवाद दीवानी प्रकृति का बताया था। क्लोजर रिपोर्ट को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने स्वीकार कर लिया था।
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ईडी ने गोयल दंपती की याचिकाओं पर जवाब देने के लिए समय मांगा
उनके वकीलों ने हाईकोर्ट को बताया कि सत्र अदालत ने ईडी की विरोध याचिका को खारिज कर दिया था और इस आदेश की पुष्टि बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने भी की थी। वहीं, ईडी के वकील श्रीराम शिरसाट ने गोयल दंपती की याचिकाओं पर जवाब देने के लिए समय मांगा है। इसके बाद अदालत ने दंपती को अंतरिम राहत देते हुए मामले की सुनवाई 31 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गोयल दंपती के खिलाफ सुनवाई की अगली तारीख तक कोई कठोर कदम न उठाए।