फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीआई कार्यकर्ता की जानकारी सार्वजनिक करने के मामले की जांच करे सूचना प्रसारण मंत्रालय: बॉम्बे हाईकोर्ट

Thu, 05 Nov 2020 03:14 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, मुंबई
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह यह जांच करे कि कैसे साकेत गोखले सहित आरटीआई कार्यकर्ताओं की निजी जानकारी उसकी वेबसाइट पर सार्वजनिक की गई।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव की पीठ ने यह भी कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय गोखले की याचिका को अभिवेदन माने और तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करे।


अदालत ने इसके साथ ही गोखले की याचिका का निपटारा कर दिया, लेकिन मंत्रालय द्वारा जांच शुरू नहीं करने पर हाईकोर्ट का दोबारा रुख करने की उन्हें आजादी दी। अदालत ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह गोखले को मुकदमे पर आए खर्च के तौर पर 25 हजार रुपये का भुगतान करे।
विज्ञापन


गोखले ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह मंत्रालय से 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले को दीवानी अदालत पर छोड़ दिया। गौरतलब है कि अदालत गोखले की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपनी निजी जानकारी मंत्रालय की वेबसाइट से हटवाने का अनुरोध किया था।

गोखले ने इस साल जुलाई में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर के शिलान्यास का विरोध करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसके बाद से उन्हें धमकी भरे फोन कॉल आ रहे थे।

गोखले के मुताबिक उनकी निजी जानकारी नवंबर 2019 में मंत्रालय की वेबसाइट पर डाली गई और जब उन्होंने इसके खिलाफ मंत्रालय को पत्र लिखा तो इस साल सितंबर में जानकारी हटाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें