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LOC की फारवर्ड पोस्ट पर बोफोर्स तोपें तैनात, सैनिक भी बढ़े

Sun, 07 May 2017 04:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास कृष्णा घाटी सेक्टर में दो सैनिकों के शवों को क्षत विक्षत करने से उपजे तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली है। पाक सेना द्वारा बड़ी संख्या में आतंकियों की घुसपैठ कराने की सूचना से भी भारत सतर्क है। सेना की ओर से लंबी दूरी तक मार करने वाली बोफोर्स तोपों को फारवर्ड पोस्ट पर तैनात किया गया है। 
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रक्षा विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान के खिलाफ जल्द जवाबी कार्रवाई का सीधा संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि भारत पहले की तरह नियंत्रण रेखा के उस पार आतंकवादियों के लांचिंग पैड को निशाना बना सकता है। दो भारतीय सैनिकों के शवों के अनादर के बाद सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री ने देश को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर घाटी में बड़ी संख्या में आतंकवादियों की घुसपैठ की सूचना मिली है। पाक के मंसूबे को नाकाम करने और जवाबी कार्रवाई के लिए बोफोर्स तोपों को फारवर्ड पोस्ट पर लगा दिया गया है। आमतौर पर बोफोर्स नियंत्रण रेखा से 4 से 6 किलोमीटर दूर रखी जाती हैं। इसके अलावा एलओसी पर सैनिकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की गई है।
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क्या कहते हैं रक्षा जानकार

शीत युद्घ की परिस्थिति के इतर बोफोर्स जैसी तोपों को नियंत्रण देखा से दूर रखा जाता है। इन्हें तभी फारवर्ड पोस्ट पर तैनात किया जाता है जब जवाबी कार्रवाई करनी होती है। बोफोर्स की मारक क्षमता 30 किलोमीटर तक है।

फारवर्ड पोस्ट पर तैनाती के बाद इससे नजदीकी लक्ष्य को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। लांचिंग पैड एलओसी से दो से तीन किमी दूर होते हैं। ऐसे में निश्चित रूप से भारत की योजना इन्हें ध्वस्त करने की होगी। इसके अतिरिक्त फारवर्ड पोस्ट पर बोफोर्स तैनात कर भारत एलओसी के उस पर लंबी दूरी तक तबाही मचाने की स्थिति में होगा।
- मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक मेहता, रक्षा विशेषज्ञ

जाहिर तौर पर यह जवाबी कार्रवाई का सीधा संकेत है। हमारे पास सर्जिकल स्ट्राइक, तोपों से चुनिंदा लक्ष्यों पर धावा, मल्टीबैरल रॉकेट लांचर से हमला जैसे विकल्प हैं। सेना प्रमुख ने पहले ही जवाबी हमले का वादा किया है।

निश्चित रूप से सही समय पर वह अपना वादा निभाएंगे। जहां तक रणनीति की बात है तो पूरे एलओसी के फारवर्ड पोस्ट पर तोपों की तैनानी दुश्मन को भ्रमित करने के लिए है। सेना हमेशा अपने लिए पहले लक्ष्य निर्धारित करती है। फिर उसी के अनुरूप धावा बोला जाता है।
- मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जीडी बख्शी, रक्षा विशेषज्ञ
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