अदालत ने 13 मार्च को दोषी करार दिए जाने के बाद आतंकवादी को सभी मामलों में जुर्माना भी लगाया है और उसे अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
असम के कोकराझार जिले के बालापरा गांव में 2014 में सशस्त्र हमले में सात लोगों की हत्या करने के मामले में गुवाहाटी की विशेष एनआईए अदालत ने बोडो उग्रवादी रबी बसुमतारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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एजेंसी ने कहा कि विशेष अदालत ने रबी बसुमतारी को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज अन्य अपराधों के लिए दो मामलों में आजीवन कारावास और 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत द्वारा 13 मार्च को दोषी करार दिए जाने के बाद आतंकवादी को सभी मामलों में जुर्माना भी लगाया गया है और उसे अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बयान में कहा कि सभी मूल सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
बता दें कि 1 मई, 2014 को बासुमतारी छह अन्य नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोरोलैंड (NDFB) के सदस्यों के साथ कोकराझार जिले के गोसाईगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालापारा गांव में प्रवेश किया। उन्होंने जी बिदाई और सोंगबिजीत के नेतृत्व वाले एनडीएफबी के निर्देश पर ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस घटना में सात ग्रामीणों की मौत हो गईं और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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बासुमतारी को सितंबर 2016 में गिरफ्तार किया गया था और मार्च 2017 में एनआईए ने मामले में अपनी पहली पूरक चार्जशीट के माध्यम से आरोप पत्र दायर किया था। अगस्त 2015 में आरोपी प्रदीप ब्रह्मा के खिलाफ गोसाईगांव (बालापरा) में पहली चार्जशीट दायर की गई थी।