महाराष्ट्र में शिवसेना व भाजपा के बीच जारी सियासी जंग में रोज नए पेच आ रहे हैं। अब बीएमसी ने केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता नारायण राणे को उनके मुंबई स्थित बंगले की मपती व निरीक्षण का नोटिस भेजा है। उधर, राणे ने कहा है कि बंगले में एक इंच जमीन का अवैध उपयोग नहीं हो रहा है। यह 2009 में तत्कालीन नियमों के मुताबिक बना था।
केंद्रीय मंत्री राणे का 'आदिश' नामक यह बंगला मुंबई के पश्चिमी उपनगरीय क्षेत्र के पश्चिमी सिविक वार्ड में है। गुरुवार को बीएमसी के सहायक अभियंता ने बंगले के मालिक को नोटिस जारी किया। नोटिस पर किसी का नाम नहीं है, लेकिन बीएमसी सूत्रों ने कहा कि अवैध निर्माण की शिकायतों के सत्यापन के लिए महानगर पालिका ऐसा नोटिस जारी करती है।
राणे ने कहा कि शुक्रवार को उन्हें पता चला कि बीएमसी ने मेरे मकान को लेकर मुझे नोटिस भेजा है। यह मकान 17 सितंबर 2009 को बनकर तैयार हुआ था। इसे एक प्रसिद्ध शिल्पकार ने बनाया था। यह 1991 के निर्माण नियंत्रण नियमों के मुताबिक बना था। इसमें एक इंच जमीन का अवैध उपयोग नहीं किया गया है। राणे ने यह भी बताया कि इस बंगले में उनके परिवार के आठ लोग रहते हैं। वहां कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती है, लेकिन शिवसेना ने बीएमसी से शिकायत की है, क्योंकि मुंबई महानगर पालिका उनके हाथ में है।
नोटिस में कहा गया है कि बीएमसी के सहायकों या कर्मियों के साथ 18 फरवरी को या उसके बाद किसी दिन जुहू के सीटीएस नं 997 और 997 ए पर स्थित आदिश बंगला परिसर में पहुंचेंगे। इस बीच, शिवसेना द्वारा शासित बीएमसी की टीम शुक्रवार शाम को मौके पर गई थी, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के वह लौट आई क्योंकि राणे परिवार का कोई सदस्य बंगले पर मौजूद नहीं था। मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने इस मामले में कहा कि वह सभी जरूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करेगी।