बीएमसी महापौर पद महिला को मिलेगा (सांकेतिक)
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बीएमसी में मेयर पद महिला को ही मिलेगा। ये साफ हो चुका है। महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से जुड़े इस बड़े अपडेट के मुताबिक भाजपा-शिवसेना मिलकर महापौर का नाम तय करेंगे। बीएमसी के अलावा नवी मुंबई में भी महापौर पद महिला को मिलेगा, जबकि ठाणे में मेयर अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से बनेगा। शहरी विकास विभाग ने गुरुवार को लॉटरी के जरिए आरक्षण तय किया, जिसके आधार पर बीएमसी मेयर पद पर महिला की ताजपोशी होगी।
क्या है लॉटरी सिस्टम?
महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने गुरुवार को एक लॉटरी व्यवस्था के तहत विभिन्न नगर पालिकाओं के लिए आरक्षण व्यवस्था तय की। शहरी निकाय के नियमों के तहत बीएमसी समेत सभी नगर पालिकाओं में मेयर पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को रोटेशन प्रणाली के आधार पर दिया जाता है। हालांकि यह आरक्षण व्यवस्था पहले से तय नहीं होती और इसके लिए लॉटरी सिस्टम बनाया गया है। जब तक यह लॉटरी नहीं निकाली जाती, तब तक राजनीतिक पार्टियां मेयर पद के लिए उम्मीदवारों को नाम का एलान नहीं कर सकतीं। संविधान के 74वें संशोधन के बाद नगर निकाय में नेतृत्व के लिए सामाजिक प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया गया है। यह लॉटरी व्यवस्था मेयर चुनाव की प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए की गई है।
महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं में महापौर यानी मेयर पद को लेकर क्या फैसला लिया गया है? जानिए तमाम सवालों के जवाब नीचे दी गई सूची से
| अ.क्र. |
महानगरपालिका का नाम |
आरक्षित श्रेणी (Reservation Category) |
| 1 |
बृहन्मुंबई (BMC) |
ओपन (महिला) |
| 2 |
ठाणे |
अनुसूचित जाति (एससी) |
| 3 |
कल्याण-डोंबिवली |
अनुसूचित जनजाति (एसटी) |
| 4 |
नवी मुंबई |
ओपन (महिला) |
| 5 |
वसई-विरार |
ओपन |
| 6 |
भिवंडी-निजामपुर |
सर्वसाधारण (महिला) |
| 7 |
मीरा-भाईंदर |
ओपन (महिला) |
| 8 |
उल्हासनगर |
ओबीसी |
| 9 |
पुणे |
ओपन |
| 10 |
पिंपरी-चिंचवड |
ओपन |
| 11 |
नागपुर |
ओपन (महिला) |
| 12 |
अहिल्यानगर |
ओबीसी (महिला) |
| 13 |
नाशिक |
ओपन |
| 14 |
छत्रपति संभाजीनगर |
ओपन |
| 15 |
अकोला |
ओबीसी (महिला) |
| 16 |
अमरावती |
ओपन |
| 17 |
लातूर |
अनुसूचित जाति (एससी) |
| 18 |
नांदेड़-वाघाला |
ओपन (महिला) |
| 19 |
चंद्रपुर |
ओबीसी (महिला) |
| 20 |
धुले |
ओपन (महिला) |
| 21 |
जलगांव |
ओबीसी (महिला) |
| 22 |
मालेगांव |
ओपन |
| 23 |
कोल्हापुर |
ओबीसी |
| 24 |
सांगली-मीरज-कुपवाड़ |
ओपन |
| 25 |
सोलापुर |
ओपन |
| 26 |
इचलकरंजी |
ओबीसी |
राजनीतिक पार्टियों में किस वर्ग के कितने पार्षद?
- ओपन कैटेगरी में भाजपा के पास 31 पार्षद हैं, जबकि शिवसेना यूबीटी के 20 पार्षद ओपन कैटेगरी के हैं। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना में इनका आंकड़ा 11 है। महिलाओं की बात करें तो भाजपा की 25 महिला पार्षद हैं। शिवसेना यूबीटी में 18 और शिंदे शिवसेना की 9 महिला पार्षद हैं।
- अन्य पिछड़ा वर्ग में भाजपा के पास 17 पार्षद हैं। शिवसेना यूबीटी में 11 और शिवसेना में तीन पार्षद अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। ओबीसी वर्ग में महिला पार्षदों की बात करें तो भाजपा में 13, शिवसेना यूबीटी में सात और शिंदे शिवसेना में 3 महिला ओबीसी पार्षद हैं।
- अनुसूचित जाति वर्ग की बात करें तो भाजपा के दो, शिंदे शिवसेना के एक और शिवसेना यूबीटी के तीन पार्षद अनुसूचित जाति के हैं। अनुसूचित जाति महिला वर्ग में शिवसेना यूबीटी की चार पार्षद, शिंदे शिवसेना की दो और भाजपा की एक पार्षद हैं।
- अनुसूचित जनजाति वर्ग में शिवसेना यूबीटी का ही एक पार्षद है, जबकि भाजपा और शिंदे शिवसेना का एक भी पार्षद इस वर्ग से नहीं है।
लॉटरी प्रक्रिया पर शिवसेना यूबीटी ने उठाए सवाल
इस बार की लॉटरी प्रक्रिया का शिवसेना यूबीटी की नेता और मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो मेयर जनरल कैटेगरी के थे, इसलिए नए मेयर को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी का होना चाहिए था। पेडनेकर ने कहा, 'हम लॉटरी की प्रक्रिया जिस तरह से की गई, उसकी निंदा करते हैं।'