देश की सबसे बड़ी और अमीर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में एक बार फिर उत्तर भारतीय मतदाता राजनीति के केंद्र में हैं। बीएमसी चुनाव की घोषणा से पहले कांग्रेस ने अपने पुराने वोटबैंक पर ध्यान केंद्रित कर उत्तर भारतीयों को लुभाने की कोशिश शुरू की है। इसके तहत मुंबई कांग्रेस ने उत्तर भारतीय समाज से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देने के लिए “चर्चा मुद्दों पर” नामक व्यापक जनसंपर्क अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 7 दिसंबर से 21 दिसंबर तक चलाया जाएगा।
मुंबई कांग्रेस उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एड. अवनीश सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शहर के विभिन्न इलाकों में चलाया जाएगा। इस दौरान प्रकोष्ठ की टीमें मुंबई के तबेलों, धोबी घाटों, ऑटो–रिक्शा व टैक्सी चालकों, फेरीवालों और श्रमिक समुदाय वाले क्षेत्रों में जाकर उत्तर भारतीय समाज की वास्तविक समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझाव दर्ज करेंगी। अभियान के दौरान प्राप्त सभी मुद्दों को संकलित कर आगामी बीएमसी चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा। सिंह ने बताया कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद वर्षा गायकवाड चाहती है कि इसके जरिए उत्तर भारतीय समाज की चिंताओं का ठोस और नीतिगत समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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मुंबई में करीब 40 लाख उत्तर भारतीय रहते हैं, जिनकी मुंबई के किसी भी चुनाव में महत्वपूर्ण और प्रभावशाली भूमिका रहती है। 2014 से पहले उत्तर भारतीय कांग्रेस के कोर मतदाता थे जो भाजपा के साथ हो गए। अवनीश सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तर भारतीय समाज को नीति निर्माण की मुख्यधारा में लाने का सशक्त प्रयास है। कांग्रेस हर वर्ग की बात सुनने और उसे समाधान तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुंबई कांग्रेस को विश्वास है की यह विशेष अभियान उत्तर भारतीय समाज और कांग्रेस पार्टी के बीच विश्वास, सहभागिता और जनसरोकार को और मजबूत करेगा।