रक्षा मंत्रालय काली सूची में डाली गई सभी कंपनियों के मामलों की समीक्षा करेगा, क्योंकि वह नई रक्षा नीति के बाद इस तरह की संस्थाओं की नई सूची तैयार कर रहा है। नई नीति में भारी दंड और श्रेणीबद्ध प्रतिबंध का प्रावधान है।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने मंगलवार को कहा कि महानिदेशक (अधिग्रहण) नई नीति की आवश्यकता के मुताबिक एक सूची तैयार करेंगे और इसके लिए पुराने मामलों को भी देखा जाएगा। एक सेमिनार के दौरान अलग से बातचीत में परिकर ने कहा कि इन सारी प्रक्रिया का मतलब यह नहीं है कि उनको बाहर कर दिया जाएगा। उन सभी कंपनियों की भी जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि उन कंपनियों की क्या स्थिति है। वे कितने सालों से काली सूची में हैं और उनको काली सूची में क्यों डाला गया था।
परिकर ने कहा कि नई नीति के अनुसार नई सूची बनाई जाएगी। इसलिए सूची की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि करीब दर्जनभर उन कंपनियों की भी समीक्षा की जाएगी, जिन्हें पिछली सरकार के दौरान काली सूची में डाल दिया गया था। सिंगापुर टेक्नोलॉजीज जैसी कुछ कंपनियों ने काली सूची से हटाए जाने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सिंगापुर टेक्नोलॉजीज का तर्क है कि उसे गलत तरीके से काली सूची में डाला गया है, क्योंकि उसे कोई भी ठेका नहीं मिला था और ना ही तत्कालीन आयुध कारखाना बोर्ड प्रमुख से जुड़े रिश्वत मामले में सीबीआई द्वारा दायर आरोप पत्र में उसका कोई जिक्र था।