गुजरात में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मरीज मिलने के बाद से इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी पहले 2900 से 3300 रुपये तक बिक रहा था। मांग बढ़ने पर कंपनियों ने एमआरपी बढ़ा दी है। अब सरकार को प्रति इंजेक्शन 4563 से 5950 रुपये के बीच देना पड़ेगा। अब प्रति इंजेक्शन पर 2000 रुपये ज्यादा देने होंगे।
किसे होता है ब्लैक फंगस
नई दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि यदि कोई लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहा है, तो डायबिटीज जैसी समस्या आ सकती है। ऐसे में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में म्यूकर मायकोसिस यानी ब्लैक फंगस होना सामान्य है। एस्परगिलोसिस संक्रमण भी हो सकते हैं। स्टेरॉयड लेते हैं तो ब्लड शुगर चेक करते रहें।
राज्यों में दिए एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन:
रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने प्रभावित राज्यों को आवंटित शीशियों की संख्या के विवरण के साथ ट्वीट किया, "विभिन्न राज्यों में ब्लैक फंगस के मामलों की बढ़ती संख्या की विस्तृत समीक्षा के बाद आज सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरिसिन-बी की कुल 23,680 अतिरिक्त शीशियां आवंटित की गई हैं। यह आवंटन रोगियों की कुल संख्या के आधार पर किया गया है। देश भर में अभी ब्लैक फंगस के लगभग 8,848 मरीज हैं।