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ब्लैक फंगस: एम्फोटेरिसिन बी दवा की कमी जल्द दूर होगी, पांच और फार्मा कंपनियों को मिली इजाजत

Thu, 20 May 2021 03:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में फैल रही म्यूकोरमाइकोसिस बीमारी की दवाओं की कमी जल्द दूर होगी। केंद्र सरकार ने कुछ और कंपनियों को इसकी दवा बनाने व आयात करने की इजाजत दे दी है। 
 
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय रसायन व उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने बृहस्पतिवार को बताया कि ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस की दवा 'एम्फोटेरिसिन बी' की देश में किल्लत जल्द दूर हो जाएगी। तीन दिन में पांच और दवा कंपनियों को इसके उत्पादन की इजाजत दे दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी छह कंपनियां यह दवा बना रही थीं। इनके अलावा पांच और कंपनियों को दवा बनाने की इजाजत दे दी गई है। मौजूदा कंपनियां भी उत्पादन बढ़ाना शुरू कर चुकी हैं। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों ने इस दवा के छह लाख वॉयल्स के आयात का आर्डर भी दे दिया है। 
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इन पांच और कंपनियों को मिली इजाजत
एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स
नाटको फार्मा
गुफिक बायो साइंसेस लि.
एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स 
लायका फार्मास्यूटिकल्स

पूर्व से ये कंपनियां बना रहीं एम्फोटेरिसिन बी
मायलन 
भारत सीरम्स
बीडीआर फार्मा
सन फार्मा
सिप्ला
लाइफ केयर



बता दें, देश कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। इसी बीच इसके दवाओं के साइड इफैक्ट के रूप में ब्लैक फंगस नई मुसीबत बनकर आई है। यह देश के सात से ज्यादा राज्यों में फैल चुकी है। इसके कारण 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। कई रोगियों की आंखें खराब हो चुकी हैं। 
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आईएमए ने लिखा पीएम मोदी को पत्र
इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश की दवा कंपनियों को ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस की दवा बनाने की इजाजत देने की मांग की है। एसो. ने पत्र में आग्रह किया कि पीएम डीसीआरजी को निर्देश दें कि वह देश में दवा के निर्माण के लिए योग्य फार्मास्यूटिकल्स कंपनियों को आपातकालीन या अल्पकालिक अनुमति दें। इससे बीमारी के इलाज में मदद मिल सकेगी। 
 

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