भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, सरकार ने हमारे आंदोलन के दौरान इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी हैं। सरकार हमारी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। मैं सभी किसानों से अपील करता हूं कि वे आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाएं। अगर आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं चला तो पीएम मोदी जीत जाएंगे।
आगे कहा कि हमें यह ध्यान रखना है कि हम जंग नहीं छेड़ने जा रहे हैं। यह हमारा देश है और हमारी सरकार है। प्रदर्शनकारी किसानों तथा सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अगली बैठक के बारे में उन्होंने कहा, वे हमें बुलाएंगे, तो हम जरूर जाएंगे।
राजेवाल ने कहा, दिल्ली की सीमाओं पर दो फरवरी तक रिकॉर्ड संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। प्रदर्शन स्थलों पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
उन्होेंने कहा, हम दिल्ली की सीमाओं पर 26 जनवरी से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया, आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकार गलत प्रचार करके लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
गांधी जी की पुण्यतिथि पर किसानों ने रखा एक दिन का उपवास
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को ‘सदभावना दिवस’ के रूप में मनाया। किसानों ने सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डरों समेत विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर एक दिन का उपवास रखा। संयुक्त किसान मोर्चा के एक वरिष्ठ सदस्य और किसान नेता अभिमन्यु कोहार ने कहा कि मौजूदा आंदोलन और भी मजबूत होगा, क्योंकि आने वाले दिनों भारी संख्या में किसान उनके साथ जुड़ेंगे।
गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन तेज, समर्थन में और किसान जुटे
गाजीपुर बॉर्डर के पास प्रदर्शन कर रहे किसानों की संख्या शनिवार को और अधिक ग्रामीणों के पहुंचने से बढ़ गई। भाकियू के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन में 28 जनवरी को प्रदर्शनकारियों की संख्या कम हो गई थी, लेकिन मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।
हरियाणा और राजस्थान के जिलों के किसान भी यहां पहुंचे हैं। भाकियू के मेरठ क्षेत्र के अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा, आंदोलन मजबूत था और अब भी है। भाकियू नेता राकेश टिकैत के साथ प्रदर्शन स्थल पर मौजूद खटाना ने कहा, कानूनों को वापस लेने की किसानों की मांग को लेकर हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लगातार समर्थन मिल रहा है।
पवार बोले, मंडी व्यवस्था को कमजोर कर देंगे कृषि कानून: पवार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा, तीनों कृषि कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे और मंडी प्रणाली को कमजोर कर देंगे।
पवार ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर्वदलीय बैठक में डिजिटिल माध्यम से शामिल हुआ। बैठक में संसद के बजट सत्र के लिए प्रस्तावित एजेंडा से जुड़े विषयों, किसान आंदोलन, महिला आरक्षण विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।