किसानों की कई मांगों को लेकर हरिद्वार से दिल्ली जा रही भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की किसान क्रांति यात्रा हजारों किसानों के साथ शुक्रवार की सुबह मेरठ पहुंची। मेरठ पहुंचते ही भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रदेश व केन्द्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि सरकारें किसानों को कमजोर न समझें। उन्होंने किसानों से दिल्ली में लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया ।
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उन्होंने कहा कि भाजपा जिन वादों के साथ सत्ता में आई थी, उन पर अमल नहीं हुआ है। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसान बर्बादी के कगार पर हैं। टिकैत ने कहा कि यात्रा किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कराने, बिजली की बढ़ी दरें वापस लेने और 10 साल पुराने डीजल के वाहनों पर पाबंदी जैसे तुगलकी फरमान को वापस लेने की मांगों के समर्थन में निकाली जा रही है।
टिकैत ने कहा कि धान पर किसानों को 200 रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की गई, लेकिन किसानों को फसल का न्यूनतम मूल्य ही नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन अबतक ऐसा नहीं हुआ है ।
हालांकि किसान क्रांति यात्रा का कार्यक्रम पूर्व घोषित होने के कारण रोजाना के मुकाबले आज राजमार्ग पर वाहनों की संख्या कम ही दिखाई दे रही है। फिर भी जाम की स्थिति बनी हुई है। इस यात्रा के लिए गांवों के बाहर जगह-जगह किसानों ने खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।