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देश में भूख से नहीं तय होंगी कीमतें, इसका व्यापार करने वालों को बाहर निकालेंगे: टिकैत

Tue, 09 Feb 2021 03:34 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करते हुए - फोटो : PTI
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, देश में भूख पर व्यापार नहीं होगा। भूख जितनी लगेगी अनाज की कीमत उतनी होगी। भूख से व्यापार करने वालों को बाहर निकाला जाएगा। जिस तरह विमानों के टिकटों की कीमत दिन में तीन से चार बार बदलती है, उस तरीके से फसल की कीमत तय नहीं की जा सकती है।

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टिकैत ने कहा, किसी किसान से पूछकर ये कानून नहीं बनाए गए हैं। हम सरकार से बात मनवाकर ही वापस लौटेंगे। टिकैत ने किसानों के आंदोलन को जाति और धर्म के आधार पर बांटने के प्रयासों की भी निंदा की। उन्होंने कहा, इस अभियान को पहले पंजाब के मुद्दे के रूप में दर्शाया गया। उसके बाद सिख और फिर जाट मुद्दे के रूप में इसे पेश किया गया। इस देश के किसान एकजुट हैं। कोई भी किसान बड़ा या छोटा नहीं है। ये अभियान सभी किसानों का है।

टिकैत ने दावा किया कि सरकार दूध के आयात पर एक नीति ला रही है और विदेशों से दूध का आयात बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, लागत अधिक है और देश में दूध की बिक्री दर कम है। उन्होंने देश में डेयरी और दूध की आपूर्ति में लगे लोगों के हितों की रक्षा करने की भी बात कही। उन्होंने कहा, ऐसे उत्पादों के आयात पर सरकार की एक नई नीति को लागू करने से समुदाय की आजीविका को खतरा हो सकता है।
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विधायकों-सांसदों से पेंशन छोड़ने की अपील करें पीएम
टिकैत ने कहा, जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया था, उसी तरह से पीएम को अपील करनी चाहिए कि विधायक और सांसद अपनी पेंशन छोड़ें। इन पैसों का इस्तेमाल युवाओं के लिए किया जाना चाहिए। इसके लिए किसान मोर्चा धन्यवाद देगा।

एमएसपी बनी रहेगी तो फिर कानूनी गारंटी क्यों नहीं
पीएम के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा, अगर सरकार दावा कर रही है कि एमएसपी बनी रहेगी तो फिर इसे कानूनी गारंटी क्यों नहीं दे रही है। किसान यूनियन सरकार के साथ फिर से बातचीत के लिए तैयार हैं, मगर औपचारिक न्योता मिलना चाहिए। कोई भी मुद्दा उचित बातचीत से ही सुलझाया जाना चाहिए।

मोदी के 'आंदोलनजीवी' वाले बयान पर कोहाड़ ने कहा, ऐसे परजीवी हर आंदोलन में होते हैं। वहीं, मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य शिवकुमार कक्का ने कहा, लोकतंत्र में आंदोलन की अहम भूमिका होती है। लोगों को सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का हक है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगरहां), पंजाब के महासचिव सुखदेव सिंह ने सवाल किया कि सरकार एमएसपी पर कानूनी गारंटी क्यों नहीं देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि मुद्दे को भटकाने की कोशिश की जा रही है।

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