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मणिपुर में भी भाजपा सरकार की संभावना, कांग्रेस की बढ़ीं मुश्किलें

Mon, 13 Mar 2017 05:49 AM IST
एजेंसी/ इंफाल
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : file photo
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मणिपुर में भाजपा के अगली सरकार बनाने की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और एलजेपी ने आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन भाजपा को देने की बात कही है। रविवार को भाजपा के महासचिव राम माधव ने एनपीपी व एलजेपी के नेताओं और नव निर्वाचित विधायकों के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस की। वहीं देर शाम भाजपा नेता और असम सरकार में मंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र विधायक और एक कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं। 
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इससे पहले, राम माधव ने कहा कि ‘हम भाजपा सरकार के गठन के लिए एनपीपी और लोक जनशक्ति पार्टी के साथ एक समझ विकसित करने में सफल रहे हैं।’ एनपीपी और एलजेपी दोनों ही केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए की सहयोगी हैं। मणिपुर में एनपीपी ने चार और एलजेपी ने एक सीट जीती है। भाजपा के 21 विधायकों के साथ उनकी संख्या 26 पहुंच जाती है। हालांकि अब भी भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े 31 तक पहुंचने के लिए पांच विधायकों का समर्थन चाहिए।
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'भाजपा की संख्या 30 पहुंच जाएगी'

राम माधव - फोटो : File Photo
राम माधव ने कहा कि एनडीए के एक और सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के साथ भी ऐसी ‘समझ’ के चलते भाजपा की संख्या 30 पहुंच जाएगी। एनपीएफ के चार विधायक हैं। माधव ने यह भी कहा कि एक और विधायक का समर्थन ‘सुनिश्चित’ कर लिया जाएगा। 

राममाधव ने कहा कि एनपीएफ ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा था कि वह मणिपुर में गैर-कांग्रेस सरकार के गठन की पक्षधर है। इस बीच, एनपीपी के कोनराड संगमा ने कहा कि यह जनादेश मणिपुर में बदलाव के लिए है। राज्य में गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर राम माधव ने कहा कि जल्द ही पार्टी नेतृत्व इसका फैसला करेगा।

सत्ता का गणित -
मणिपुर -
कुल सीटें -   60
कांग्रेस -      28
भाजपा -     21
एनपीपी -   04
एनपीएफ - 04
एलजेपी -   01
तृमूकां -     01
निर्दलीय -  01
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