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अंधेरी विधानसभा उपचुनाव: 'हार के डर से भाजपा ने उम्मीदवार का नाम लिया वापस', उद्धव गुट ने साधा निशाना

Tue, 18 Oct 2022 02:18 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई की अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट से भाजपा द्वारा प्रत्याशी का नाम वापस लेने के बाद से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की ऋतुजा लटके के निर्विरोध विधायक चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। 
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उद्धव ठाकरे - फोटो : PTI
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विस्तार
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मुंबई के अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा उम्मीदवार वापस लेने के बाद से सियासत तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट ने भाजपा के इस फैसले पर अब निशाना साधा है। उद्धव गुट ने कहा है कि भाजपा इस चुनाव में बुरी तरह से हार रही थी इसलिए अपने उम्मीदवार को वापस ले लिया। उद्धव गुट ने कहा कि भाजपा द्वारा उम्मीदवार का नाम वापस लेना उतना आसान नहीं है, जितना दिखता है। हार की स्थिति में शिंदे-फडणवीस सरकार को यह एहसास हो गया था कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।  

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भाजपा-शिंदे समूह की कार खतरनाक मोड़ पर थी: उद्धव गुट
मुखपत्र सामना में दावा किया गया कि पटेल के नामांकन पत्र में कुछ विसंगतियों के कारण उनके नामांकन को खारिज किए जाने की प्रबल संभावना थी और यह सबकुछ जानबूझकर किया गया था। भाजपा-शिंदे समूह की कार खतरनाक मोड़ पर थी और हादसे का शिकार होना तय था। इस दुर्घटना से बचने के लिए उन्होंने ब्रेक लगाया और यू-टर्न ले लिया। इसमें कहा गया है कि जली हुई चोटों और आसन्न हार का सामना करने के बजाय, भाजपा ने एक आसान तरीका चुना।

ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने में सरकार ने जानबूझकर देरी कर दी: उद्धव गुट
इसके अलावा उद्धव गुट ने शिंदे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी उम्मीदवार ऋतुजा लटके  पहले बृहन्मुंबई नगर निगम की कर्मचारी थीं लेकिन पति की मौत के बाद वह चुनाव लड़ना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने इस्तीफा भेज दिया लेकिन इसे स्वीकार करने में सरकार ने जानबूझकर देरी कर दी।
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भाजपा ने दी सफाई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले ने नागपुर में पार्टी प्रत्याशी को वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा के अनुरूप है कि दिवंगत विधायक या सांसद के परिजन के खिलाफ प्रत्याशी नहीं खड़ा किया जाता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि यदि पार्टी उनका नाम वापस नहीं लेती तो पटेल जीत जाते। 

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