उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत नोटबंदी जैसे फैसलों का नतीजा नहीं है। अपने मुखपत्र सामना में यह विचार रखते हुए शिवसेना का मानना है कि इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की कर्ज माफी जैसे लोकलुभावन वादे हैं।
अपने पुराने सहयोगी भाजपा के साथ तनावपूर्ण संबंधों की दूरियां बढ़ाने वाले इस लेख में शिवसेना प्रमुख ने भाजपा और मोदी पर निशाना साधा है। इसी का नतीजा रहा है कि महाराष्ट्र में हुए हालिया स्थानीय निकाय चुनाव में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।
रविवार को मुखपत्र के संपादकीय में कहा गया है कि यूपी में भाजपा को पूर्ण बहुमत के पीछे चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की कर्जमाफी जैसे वादे हैं, न कि यह नोटबंदी के फैसले का असर है। इसका फायदा भाजपा को यूपी और उत्तराखंड दोनों राज्यों में मिला। हालांकि पंजाब में अकाली से गठबंधन और गोवा में परिकर जैसे नेता होने के बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा।