राज्यसभा सांसद देब ने कहा, अगर राजनीतिक समीकरण ऐसा ही रहा तो भाजपा त्रिपुरा में 40-45 सीटें जीतेगी क्योंकि पार्टी ने चहुमुखी विकास के लिए काफी काम किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में भगवा खेमे की सीटें 36 सीटों से कम नहीं होंगी।
सत्तारूढ भाजपा अगले साल की शुरुआत में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में 40-45 सीटें जीतेंगी। यह बात त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शनिवार को कही। राज्य में साठ सदस्यीय विधानसभा है।
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इससे पहले 2018 के विधान सभा चुनाव में भगवा पार्टी ने 36 सीटें हासिल कीं थीं और उसकी सहयोगी इंडिजिनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने आठ विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की।
राज्यसभा सांसद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, अगर राजनीतिक समीकरण ऐसा ही रहा तो भाजपा त्रिपुरा में 40-45 सीटें जीतेगी क्योंकि पार्टी ने चहुमुखी विकास के लिए काफी काम किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में भगवा खेमे की सीटें 36 सीटों से कम नहीं होंगी।
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उन्होंने घोषणा की कि वह 26 दिसंबर से चुनाव अभियान शुरू करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस अहम चुनाव को लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 के चुनाव राज्य को माकपा के कुशासन से मुक्त कराने के लिए महत्वपूर्ण थे।
उनसे जब सवाल किया गया कि यदि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें टिकट देता है तो क्या वह 2023 का चुनाव लड़ेंगे, इस पर देब ने कहा, मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था और मैने दिया। मुझे राज्यसभा सदस्य बनाया गया और मुझे एक बड़ा मंच मिला। लोगों के हित में मेरी आवाज उठाई। भाजपा में हर कोई पार्टी के फैसले का पालन करता है।
देब ने राज्यसभा के पिछले सत्र में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने आगे कहा, 13 कार्य दिवसों में मैं राज्यसभा में फेनी पुलस और सीमा हाट जैसे त्रिपुरा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने में समक्ष हुआ। इसका श्रेय प्रधानमंत्री को जाना चाहिए। केंद्र पूर्वोत्तर के विकास और कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।