वर्तमान में राज्यसभा में 240, लोकसभा में 543 (कुल 783 सदस्य) हैं। बहुमत का आंकड़ा 392 (प्रथम वरीयता मत) है। भाजपा के पास लोकसभा में 240 और राज्यसभा में 99 सदस्य हैं। उसे 10 मनोनीत सदस्यों का समर्थन है। ऐसे में उसके पास 349 सदस्य हैं। यह आंकड़ा जीत के लिए जरूरी समर्थन से सिर्फ 43 कम है। सहयोगियों को जोड़ दें, तो संख्या 400 से ज्यादा है। पार्टी को उम्मीद है कि उपयुक्त दावेदार पर अगले हफ्ते तक सहमति बन जाएगी।
पांच साल का होगा नए उपराष्ट्रपति का कार्यकाल
संविधान के अनुच्छेद 66 (1) में प्रावधान है कि चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से कराया जाएगा और ऐसे चुनाव में गुप्त मतदान होगा। नए उपराष्ट्रपति का चुनाव पूरे कार्यकाल के लिए होगा। इसका मतलब है कि जो भी उपराष्ट्रपति चुना जाएगा, वह 2027 तक नहीं बल्कि पूरे पांच साल पद पर रहेगा। 74 साल के धनखड़ देश के 14वें उपराष्ट्रपति थे और उनका कार्यकाल अभी 10 अगस्त 2027 तक था।
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव
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