जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को ही अपना रुख लचीला बनाना होगा। दरअसल राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राज्य की स्थिति पर लंबी माथापच्ची के बाद भाजपा ने अपने पुराने रुख से रत्ती भर समझौता न करने का फैसला किया है।
बैठक में तय हुआ कि पार्टी दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ तय हुए एजेंडे पर आगे बढ़ेगी। इस क्रम में महबूबा की कोई शर्त स्वीकार नहीं करेगी। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जम्मू कश्मीर की स्थिति पर मंथन की बात स्वीकारी।
उन्होंने कहा कि भाजपा गठबंधन धर्म निभाना जानती है। पार्टी अब भी पीडीपी के साथ पुरानी शर्तों और तय कार्यक्रमों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्घ है। राज्य के वरिष्ठ नेता निर्मल खत्री ने भी कहा कि गठबंधन के लिए पार्टी के पुराने एजेंडे में कोई बदलाव नहीं आया है।