भाजपा विधायकों संग येदियुरप्पा (फाइल फोटो)
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कर्नाटक में तेज राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा ने शुक्रवार को अपने सभी विधायकों को यहां नजदीक स्थित एक रिजॉर्ट में रखने का फैसला किया है। दरअसल मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने अपने बागी विधायकों के इस्तीफे के बावजूद विधानसभा में विश्वास मत का प्रस्ताव लाने की घोषणा की है, जिसे देखते हुये सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयास की आशंका के बीच भाजपा ने यह कदम उठाया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने संवाददाताओं को एक सवाल के जवाब में कहा कि हर एक (भाजपा विधायक) को लगता है कि उन्हें एक साथ होना चाहिए और सोमवार को एक साथ विधानसभा में आना चाहिए... मैंने कहा ठीक है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि विधायकों के शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रिजॉर्ट में रहने की संभावना है।
रिजॉर्ट की राजनीति कर्नाटक के लिए कोई नई बात नहीं है। सत्तारूढ़ गठबंधन ने इससे पहले भी संकट के दौरान अपने विधायकों को शहर के बाहरी इलाके के एक रिजॉर्ट में रखा था। गौरतलब है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि वह सदन में विश्वासमत हासिल करना चाहते हैं और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार से इसके लिये समय तय करने का अनुरोध किया है।
विधानसभा के 11 दिवसीय सत्र के पहले दिन सदन की बैठक में मुख्यमंत्री ने सत्तारूढ़ गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफा देने की पृष्ठभूमि में यह अप्रत्याशित घोषणा की। विधायकों के इस्तीफे की वजह से सरकार का अस्तित्व खतरे में है। अध्यक्ष के अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन का कुल संख्याबल 116 (कांग्रेस-78, जद(एस)-37 और बसपा-1) है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों का भी सरकार को समर्थन प्राप्त था। लेकिन, उन्होंने सोमवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उधर, भाजपा के पास 107 विधायक हैं। 224 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 113 विधायकों का समर्थन जरूरी है। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो गठबंधन का संख्याबल घटकर 100 रह जाएगा।