राष्ट्रपति चुनाव के लिए बिना चेहरे के भाजपा ने विपक्ष और सहयोगी दलों से तो चर्चा कर ली, लेकिन खुद पार्टी के अंदर अभी तक उम्मीदवार के नाम पर चर्चा नहीं हुई है। उम्मीद है कि इसके लिए मंगलवार को पार्टी की कोर ग्रुप या संसदीय बोर्ड की बैठक हो सकती है। विचार के क्रम में रविवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने खुद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से, जेटली ने टीएमसी और बीजेडी तो वेंकैया नायडू ने सपा नेताओं और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान से चर्चा की।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार के नाम पर मंथन का सिलसिला मंगलवार से शुरू होगा। इस बीच सोमवार को दिल्ली में संसद और विधानसभाओं के मुख्य सचेतकों की बैठक होगी, जबकि नामांकन के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव के 4 सेटों के 200 प्रस्तावकों और इतनी ही संख्या में उस प्रस्ताव का समर्थन करने वालों को मंगलवार को राजधानी बुलाया गया है।
कांग्रेस से दूरी रखने वाले दलों को साधने की कोशिश
भाजपा की रणनीति अब उम्मीदवार तय करने के बाद विपक्ष से संपर्क साधने की है। इससे पहले पार्टी द्वारा विपक्ष से बातचीत के लिए बनाई गई कमेटी ने विभिन्न दलों के नेताओं से उम्मीदवार के पर सुझाव मांगे थे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक चुनाव तय है। हमारी कोशिश उम्मीदवार तय करने के बाद बीजेडी सहित कुछ ऐसे दलों को साधने की होगी जो कांग्रेस से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।