संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने वाला है। नौ मार्च से शुरू होने वाला सत्र भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। आज भारतीय जनता पार्टी ने सांसदों को लोकसभा में मौजूद रहने का निर्देश देते हुए व्हिप जारी किया। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है। जानिए क्या है पूरा मामला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर संसद में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर सदन में अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश दिया है। बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन, 9 मार्च को इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष ने बिरला पर खुलेआम पक्षपात और संवैधानिक पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
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स्पीकर ओम बिरला कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे
संविधान के अनुच्छेद 94सी के तहत अध्यक्ष को साधारण बहुमत से हटाया जा सकता है, जबकि अनुच्छेद 96 उन्हें अपना बचाव करने का अधिकार देता है। चर्चा के दौरान बिरला कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे, बल्कि सत्ता पक्ष की अग्रिम पंक्ति में बैठेंगे।
उपाध्यक्ष न होने के कारण प्रस्ताव की भाषा कौन जांचेगा?
भाजपा इस दौरान पिछले 11 वर्षों में विपक्षी सदस्यों के व्यवहार और राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान बनी अभूतपूर्व स्थिति का मुद्दा उठाएगी। वर्तमान में उपाध्यक्ष न होने के कारण प्रस्ताव की भाषा की जांच सभापति तालिका के वरिष्ठ सदस्य करेंगे। इतिहास में अब तक जीवी मावलंकर, हुकम सिंह और बलराम जाखड़ के खिलाफ आए ऐसे सभी प्रस्ताव खारिज हो चुके हैं।
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कांग्रेस और भाजपा के कड़े निर्देश
कांग्रेस ने तीन-लाइन का व्हिप जारी कर अपने सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में रहने को कहा है ताकि बिरला को हटाने का प्रस्ताव लाया जा सके। वहीं, भाजपा ने भी जवाबी व्हिप जारी कर 9 और 10 मार्च को अपने सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी है। सत्ता पक्ष इन दो दिनों में महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देने की तैयारी में है।