पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले पंचायत चुनावों और दो साल बाद होने वाले लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश जैसी कामयाबी दोहराने के लिए प्रदेश भाजपा वहां के नेताओं से कामयाबी के गुर सीख रही है। इन चुनावों में भाजपा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के तौर पर उभरने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी ने इसकी जमीन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। प्रदेश भाजपा नेताओं का कहना है कि यूपी की भारी कामयाबी के बाद अब पार्टी की निगाहें पश्चिम बंगाल पर हैं।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय कहते हैं कि राज्य में ममता बनर्जी सरकार की तुष्टिकरण की नीति अब सीमा पार कर गई है। आम लोगों का इस सरकार से मोहभंग हो गया है। वे अब बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारी कामयाबी के बाद अब हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल में भी उसे दोहराना है। उनका आरोप है कि राज्य के 10 जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ढह गई है और पश्चिम बंगाल राष्ट्र विरोधी ताकतों का गढ़ बन गया है।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि भावी रणनीति के तहत अपनी जमीन मजबूत करने की पहल करते हुए पार्टी ने अगले कुछ महीनों के दौरान अपने तमाम संगठनों में फेरबदल की योजना बनाई है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख रूपा गांगुली कहती हैं कि राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस का विकल्प तलाश रहे हैं। उनका दावा है कि सांगठनिक तौर पर कमजोर होने के बावजूद किसी भी मुद्दे पर सड़क पर उतरने में भाजपा सबसे आगे रहती है।