शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों और साधु संतों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे राम मंदिर निर्माण का श्रेय नहीं चाहिए, मुझे राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए। हम सब मिलकर राम मंदिर का निर्माण करेंगे, सब साथ आएंगे, तो राम मंदिर जल्द बनेगा। अब हम इंतजार नहीं कर सकते, बहुत साल दिन और महीने गुजर गए हैं। मंदिर वहीं बनाएंगे, मंदिर बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे... आज हमें राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए...
अदालत में नहीं मापी जा सकती लोगों की आस्था- उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि माना रामजन्म भूमि विवाद कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन क्या लोगों की आस्था अदालत में मापी नहीं जा सकती है। अदालत में कुछ भी फैसला होने से पहले आप अध्यादेश लाइए। देश के सभी हिन्दू आपके साथ कंधे से कंधा मिलकर चलेंगे। लेकिन आज मैं कहता हूं कि अब राम मंदिर पर हिंदू चुप नहीं रहेगा।
राम मंदिर पर अध्यादेश लाए सरकार हम देंगे साथ- उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने सीधा पीएम पर हमलावर होते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जैसे नोटबंदी का निर्णय लिया था, उसी प्रकार राम मंदिर निर्माण का निर्णय भी लिया जाना चाहिए। मंदिर बनाने के लिए हिम्मत चाहिए। सीना कितना भी चौड़ा क्यों न हो, सीने में ताकदवर दिल होना जरूरी है। कई महीने और कई साल बीत गए, पर राम मंदिर का मुद्दा वैसे का वैसा ही है। उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार से पूछा कि राम मंदिर के लिए और कितने साल इन्तजार करेंगे? हम जो वादा करते हैं, वो पूरा करते हैं। हजारों शिवसैनिक अयोध्या आए हैं। यहां मुझको साधु-संतों से आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर बीजेपी को श्रेय लेना है, तो वो ही ले ले। मैं संत लोगों के सामने कहता हूं कि मैं सिर्फ भक्त बनकर आऊंगा। मुझे राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए। तब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, तो थोड़ी मुश्किल थी, लेकिन आज बीजेपी अध्यादेश लाती है, तो हमारी पार्टी पूरा समर्थन करेगी।
मैं यहां कुंभकर्ण नींद सो रही बीजेपी को जगाने आया हूं....
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए हिंदी में कहा कि मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं। मैं श्री राम चंद्र का दर्शन करने आया हूं। राम लला और हिन्दुत्व को क्या कभी हम भूल सकते हैं। मैं आज यहां सिर्फ रामलला का आशीर्वाद लेने आया हूं, लेकिन अब आता रहूंगा। मैं जब यहां आ रहा था, तो लोग मुझसे पूछ रहे थे कि क्या राजनीति करने पहुंच रहे हो। मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं। मैं आज कुंभकर्ण बनी बीजेपी को जगाने आया हूं। कुंभकर्ण तो छह महीने सोता था, लेकिन बीजेपी चार साल से सो रही है। मैं चाहता हूं कि सब मिलकर मंदिर बनाए।
क्या हो सकती है शिवसेना की रणनीति, कितना फायदा उसे मिलेगा या फिर इसके नतीजे क्या होंगे, ये तो वक्त ही बताएगा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का मुद्दा क्यों गरमाया हुआ है? क्या बीजेपी एक बार फिर इन चुनावों में हिंदुत्व के सहारे है। यह विश्लेषण का विषय हो सकता है, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही नजर आ रही है।