जयराम रमेश
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हालांकि, भाजपा के पलटवार के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि भारत को किसी अन्य देश से सबक लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अतीत में कई अल्पसंख्यक राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री बन चुके हैं। एआईसीसी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, विविधता का सम्मान करना भारत की पहचान रही है। उन्होंने जाकिर हुसैन, फखरुद्दीन अली अहमद और एपीजे अब्दुल कलाम के उदाहरणों का हवाला दिया, जिन्होंने कई वर्षों तक देश में शीर्ष संवैधानिक पदों को संभाला था।
रमेश ने कहा, हमारे देश में 1967 में डॉ. जाकिर हुसैन पहले राष्ट्रपति बने, फिर फखरुद्दीन अली अहमद और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रपति बने। बरकतुल्लाह खान मुख्यमंत्री बने और ए.आर. अंतुले भी मुख्यमंत्री बने। अन्य कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा, यह आपको उनसे पूछा चाहिए। मैं केवल भारत जोड़ो यात्रा के बारे में बात कर रहा हूं और अन्य नेताओं ने जो कहा, उसपर मैं कुछ नहीं बोलूंगा। आप उनसे पूछें कि उन्होंने क्या कहा है। मैं उनपर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
रमेश ने आगे कहा, कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। जिन्हें जनादेश मिलेगा वे प्रधानमंत्री बनेंगे। लोकतांत्रिक रूप से अगर कोई चुना जाता है, तो हमें कोई समस्या नहीं है। इंग्लैंड की पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है, इसका हम स्वागत करते हैं।