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BJP Vs AAP: केजरीवाल को घेरने के लिए बीजेपी के टॉप नेताओं की बैठक, बनी ये रणनीति

सार

BJP Vs AAP: पार्टी एक साथ दो फ्रंट पर तैयारी कर रही है। सबसे पहले तो वह अरविंद केजरीवाल की मुफ्त की घोषणाओं को टक्कर देने के लिए उन संभावनाओं पर विचार कर रही है जिसे चुनाव में वह जनता के सामने वादा कर सके।
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बीजेपी नेताओं की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा यह मानकर चल रही है कि इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में उसके लिए सबसे बेहतर संभावना है। यदि पार्टी ने अपने सभी पत्ते सही तरीके से खेले तो इस बार विधानसभा चुनाव में उसकी सरकार बन सकती है। यही कारण है कि पार्टी ने अभी से बेहद सधी चाल चल कर अरविंद केजरीवाल को घेरने में जुट गई है। 
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केजरीवाल के वादों को टक्कर 
पार्टी एक साथ दो फ्रंट पर तैयारी कर रही है। सबसे पहले तो वह अरविंद केजरीवाल की मुफ्त की घोषणाओं को टक्कर देने के लिए उन संभावनाओं पर विचार कर रही है जिसे चुनाव में वह जनता के सामने वादा कर सके। भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जिस तरह पूरे देश में गरीब लोगों को मुफ्त घर उपलब्ध कराया है, राशन योजना, आयुष्मान योजना के अंतर्गत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है, उससे पार्टी की विश्वसनीयता गरीब वर्ग के बीच बढ़ी है। दिल्ली की जनता भी उसके दावों पर भरोसा कर ले तो अरविंद केजरीवाल की मुफ्त की योजनाओं को टक्कर देते हुए चुनाव में उसे पटखनी दी जा सकती है। 

केजरीवाल की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में 
पार्टी नेता यह भी कह रहे हैं कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल ने लोगों को मुफ्त पानी देने की बात कही, लेकिन लोगों को पीने का पानी ही नहीं मिल रहा। मुफ्त बिजली की बात की, लेकिन लोगों को भारी बिजली का बिल चुकाना पड़ रहा है। केजरीवाल ने यमुना की सफाई की बात की, लेकिन वह अब भी पूरी गंदी ही पड़ी हुई है। भाजपा का मानना है कि इस समय अरविंद केजरीवाल की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में वह जनता से ठोस वादे कर उसका भरोसा जीत सकती है। 
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केजरीवाल पर हमले की रणनीति 
भाजपा इस चुनाव में केजरीवाल पर हमले को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि तथाकथित शराब घोटाले, शिक्षा-स्वास्थ्य घोटाले और मुख्यमंत्री के आवास में हुई भारी अनियमितता के कारण अरविंद केजरीवाल की छवि बुरी तरह प्रभावित हुई है। भाजपा का मानना है कि यदि इन मुद्दों को चुनाव में सही रणनीति के साथ उतारा जाए तो उसे इसका चुनावी लाभ मिल सकता है। 

सही रणनीति को लेकर बैठक
 भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर दो महत्त्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया है। घोषणा पत्र समिति उन मुद्दों की पहचान करने में जुटी है जिनके सहारे पार्टी चुनाव में उतर सकती है। वहीं, आरोप पत्र समिति में इस बात पर विचार किया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल को घेरने के लिए पार्टी किन मुद्दों को किस क्रम में और कब-कब उठा सकती है जिससे पार्टी को इसका उचित लाभ मिल सके। सोमवार को इन दोनों महत्त्वपूर्ण कमेटियों की बैठक हुई है। बैठक में इन सभी मुद्दों पर विचार किया गया है।  

मैनिफेस्टो कमेटी ने की मुद्दों की पहचान
भाजपा की मेनिफेस्टो समिति की पहली बैठक संयोजक सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के निवास पर सम्पन्न हुई जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने अपना अनुभव साझा किया। तीन घंटे से अधिक चली बैठक में मेनिफेस्टो समिति सदस्यों डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, सरदार अरविंदर सिंह लवली, सतीश उपाध्याय, मीनाक्षी लेखी, प्रवेश साहिब सिंह, अजय महावर, प्रवीण शंकर कपूर, राजकुमार फुलवरिया, नीतू डबास एवं अभिषेक टंडन ने मुद्दे रखे और उन पर चर्चा कर मुद्दों की शार्ट लिस्टिंग का कार्य शुरू किया।

आरोप पत्र समिति की बैठक
आम आदमी पार्टी पर नियमित हमले करने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के संयोजन में आरोप पत्र समिति का गठन किया गया है। आज इसकी पहली बैठक हुई जिसमें दिल्ली भाजपा के विधानसभा चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा भी उपस्थित थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव संचालन समिति संयोजक हर्ष मल्होत्रा, सह संयोजक दुष्यंत गौतम, राष्ट्रीय मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, प्रदेश मंत्री हरीश खुराना और अन्य सदस्य सम्मिलित हुए।


मंत्री ने कहा
पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अमर उजाला से कहा कि यह चुनाव सत्ता हासिल करने का चुनाव नहीं होगा। यह चुनाव दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल की मनमानियों और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता यह देख रही है कि अरविंद केजरीवाल स्वयं तो शीश महल जैसे राजमहल में रहते हैं, लेकिन वे दिल्ली के गरीबों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज नहीं कराने दे रहे हैं। केवल इसलिए क्योंकि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को लाभ मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि अब अरविंद केजरीवाल को अपने उन कामों का हिसाब जनता को देना  पड़ेगा जिसका वादा उन्होंने किया था, लेकिन सत्ता पाने के बाद वे केवल भ्रष्टाचार करने में डूब गए।  
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