हालांकि अभी तारीख तय नहीं है, मगर अपने यूपी प्रवास के दौरान शाह की योजना नाराज चल रहे अपना दल और एसबीएसपी के गिले शिकवे दूर करेंगे। अपना दल लगातार राज्य सरकार और राज्य इकाई पर उपेक्षा करने का आरोप लगा रहा है, जबकि एसबीएसपी के मुखिया राजभर राज्य के साथ साथ केंद्र सरकार पर भी हमलावर है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि सपा-बसपा गठबंधन की गंभीर चुनौतियां झेल रही पार्टी इस गठबंधन के कारण राजग में किसी तरह के बिखराव का संदेश नहीं देना चाहती। ऐसे में नेतृत्व ने दोनों सहयोगियों को हर हाल में मनाने का फैसला लिया है। शाह की योजना पहले इन दोनों दलों के मुखिया से दिल्ली में मुलाकात करने की थी, मगर खराब स्वास्थ्य के कारण इसे टाल दिया गया था।
बूथ प्रमुखों के यह देंगे संदेश
शाह बूथ प्रमुखों को समर्थक मतदाताओं का वोट हर हाल में 10 बजे तक गिराने, पहली बार मत डाल रहे युवाओं और केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से लगातार संपर्क साधने, सपा-बसपा गठबंधन को यादव-जाटव गठबंधन के रूप में प्रचारित करने का संदेश देंगे। बैठक में बूथ स्तर की तैयारियों के लिए समय समय पर दिए गए निर्देर्शों के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी गंभीर मंथन होगा।