तेलंगाना और उड़ीसा में होने वाले विधानसभा के चुनावों पर भाजपा ने पश्चिम बंगाल से निशाना साधना शुरू कर दिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल में सोमवार से तीन दिवसीय एक प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ है। इस शिविर के माध्यम से प्रशिक्षण तो पश्चिम बंगाल के एमपी और एमएलए समेत पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा लेकिन इसका संदेश उड़ीसा और तेलंगाना तक पहुंचेगा। इस प्रशिक्षण शिविर में पहली बार पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और तेलंगाना के इंचार्ज सुनील बंसल शिरकत कर रहे हैं। पार्टी ने प्रशिक्षण शिविर को लेकर तमाम तैयारियां और योजनाएं बनाई हैं।
पश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाले सोमवार से बुधवार तक के प्रशिक्षण शिविर में पार्टी यहां न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती बल्कि आगे के चुनावी रणनीति और उनको अमल में लाने की प्रयासों पर पूरी चर्चा करेंगी। इस बैठक में शामिल होने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनावों के बाद यहां संगठनात्मक तौर पर ऐसे ही बड़े प्रशिक्षण की आवश्यकता थी। वह कहते हैं कि सोमवार से शुरू होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में कई बड़े नेता शिरकत कर रहे हैं। इसमें हाल में ही पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और तेलंगाना के इंचार्ज बनाए गए राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल भी शिरकत करेंगे। वह कहते हैं, सुनील बंसल की चुनावी रणनीति का लोकसभा चुनावों में बड़ा असर देखने को मिलेगा। बंसल के लिए भी पश्चिम बंगाल में बतौर इंचार्ज यह पहला प्रशिक्षण शिविर होगा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सदस्य केएम दास कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद काफी कुछ उलटफेर हुए हैं। ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाला तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। वे कहते हैं कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल में लोकसभा सीटों की संख्या को बढ़ाने की पूरी रणनीति पर न सिर्फ चर्चा होगी, बल्कि गांव-गांव में दरवाजे-दरवाजे तक पहुंचने के लिए भी पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा। भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में होने वाले प्रशिक्षण शिविर का पूरा असर उड़ीसा और तेलंगाना के चुनावों की रणनीति पर भी पड़ेगा। इसकी वजह बताते हुए वह कहते हैं कि उड़ीसा में होने वाले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल से कई प्रमुख नेताओं को भेजा जाना है। जो रणनीति यहां पर बनाई जाएगी उसी रणनीति के आधार पर उड़ीसा में भी काम किया जाएगा। हालांकि उनका कहना है कि उड़ीसा और तेलंगाना के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर और कार्यक्रम लगातार आयोजित होंगे, लेकिन पश्चिम बंगाल में सोमवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर बहुत मायने रखता है।