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बंगाल निकाय चुनाव: कोलकाता-हावड़ा में अकेले लड़ेगी भाजपा, गठबंधन पर सस्पेंस; जीत को लेकर नेताओं के क्या दावे?

Sat, 24 Oct 2026 07:40 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है, जबकि एनसीपीआई के साथ संभावित गठबंधन पर सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी नेताओं ने उम्मीदवारों की छवि और शहरी विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है। दिलीप घोष ने जीत का दावा भी किया। लेकिन क्या भाजपा दोनों शहरों में अकेले चुनाव लड़ेगी? क्या गठबंधन को लेकर पार्टी की रणनीति बदल सकती है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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क्या कोलकाता और हावड़ा में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति स्पष्ट करनी शुरू कर दी है। पार्टी नेता राहुल सिन्हा ने शनिवार को कहा कि भाजपा दोनों शहरों में स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी और नगर निगम स्तर पर किसी अन्य दल के साथ उसका चुनावी गठबंधन नहीं है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने एनसीपीआई के साथ संभावित तालमेल की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। वहीं, राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने दावा किया कि इन चुनावों के नतीजे विधानसभा चुनावों की तरह भाजपा के पक्ष में एकतरफा हो सकते हैं। ऐसे में दोनों नगर निगमों के चुनाव से पहले गठबंधन और उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

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क्या कोलकाता और हावड़ा में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी?
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल दलों के साथ भाजपा का लोकसभा और राज्यसभा स्तर पर चुनावी तालमेल है, लेकिन नगर निगम स्तर पर ऐसा कोई गठबंधन नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब एनसीपीआई के नेताओं की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन की मांग की जा रही है। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि कोलकाता नगर निगम की सभी 209 सीटों पर भाजपा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने एनसीपीआई के साथ तालमेल की संभावना पर कहा कि कुछ भी असंभव नहीं है, लेकिन अभी तक गठबंधन की कोई जानकारी नहीं है। एनसीपीआई एक छोटा राजनीतिक संगठन है, जो तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के अलग होकर भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को समर्थन देने के बाद चर्चा में आया था।

भाजपा उम्मीदवारों के चयन में किन बातों को प्राथमिकता देगी?
राहुल सिन्हा ने कहा कि पार्टी ने दोनों शहरों में चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और टिकट के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के आवेदन मिले हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन जीतने की संभावना और उनकी साफ-सुथरी सार्वजनिक छवि के आधार पर किया जाएगा। आपराधिक पृष्ठभूमि या अपने इलाके में खराब छवि रखने वाले लोगों को टिकट देने पर विचार नहीं किया जाएगा। सुकांत मजूमदार ने बताया कि कोलकाता और हावड़ा से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग 26 अक्तूबर को शाम पांच बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन उत्तर कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित पार्टी कार्यालय में रखे ड्रॉप बॉक्स में डाले जा सकते हैं। पार्टी का लक्ष्य चुनाव की घोषणा के तीन दिन के भीतर उम्मीदवारों की सूची जारी करना है।
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कोलकाता और हावड़ा के विकास को लेकर भाजपा ने क्या दावे किए?
राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने हावड़ा की लंबे समय तक अनदेखी की। उनके मुताबिक, शहर की सड़कें खराब हैं और जल निकासी तथा सीवरेज की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से सहायता मिलने के बावजूद कोलकाता अपनी पूरी शहरी विकास क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाया। सिन्हा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए बाली के प्रशासनिक प्रबंध में बदलाव किया, क्योंकि हावड़ा नगर निगम में उसे शामिल करने से चुनावी नुकसान हो सकता था। भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी दोनों शहरों में शहरी सुविधाएं बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने का वादा कर रही है। उन्होंने कोलकाता को देश के प्रमुख महानगरों में शामिल करने और हावड़ा को अधिक विकसित तथा रहने योग्य शहर बनाने की बात कही।

दिलीप घोष ने चुनाव और विपक्ष को लेकर क्या दावा किया?
राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों के नतीजे इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों की तरह एकतरफा हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा भारी बहुमत से जीत सकती है। उनके मुताबिक, चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकते हैं। घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर लूटपाट करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता उसे दोबारा मौका नहीं देना चाहती। उन्होंने वाम मोर्चे को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि बंगाल की राजनीति में उसकी प्रासंगिकता कम हो चुकी है। दुर्गा पूजा के दौरान वाम मोर्चे के पुस्तक स्टॉलों में तोड़फोड़ के मामले पर उन्होंने कहा कि अब उसकी किताबें पढ़ने वाले कम हैं। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में वाम मोर्चे की शून्य सीटों का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी राजनीतिक वापसी की संभावना कम है।

एनसीपीआई, वाम मोर्चे और अन्य मुद्दों पर नेताओं ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर राजग को समर्थन देने वाले 20 सांसदों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को खुद नहीं पता कि वे किस राजनीतिक दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। घोष ने दावा किया कि बंगाल की जनता साफ-सुथरी राजनीति चाहती है और भाजपा ही ऐसा विकल्प दे सकती है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक दावे हैं। दूसरी ओर, सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा कोलकाता और हावड़ा के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिष्ठित लोगों को भी चुनाव लड़ने के लिए आवेदन करने को प्रोत्साहित कर रही है। चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा कि राज्य सरकार जांच कर रही है और मुख्यमंत्री खुद मामले को देख रही हैं।

नगर निगम चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति क्या संकेत देती है?
भाजपा के नेताओं के बयानों से साफ है कि पार्टी कोलकाता और हावड़ा में उम्मीदवारों के चयन, शहरी विकास और चुनावी तैयारी पर ध्यान दे रही है। राहुल सिन्हा ने नगर निगम स्तर पर गठबंधन से इनकार किया है, जबकि सुकांत मजूमदार ने एनसीपीआई के साथ संभावित तालमेल का विकल्प खुला रखा है। दिलीप घोष ने जीत के बड़े दावे किए हैं, लेकिन चुनाव के नतीजे मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे। राहुल सिन्हा ने यह भी कहा कि भाजपा चाहती है कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हों और हिंसा या धमकी की घटनाएं न हों। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने का निर्देश देने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही।

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