जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद वहां सियासत गर्मा गई है। भाजपा, कांग्रेस, पीडीपी सहित सभी राजनीतिक पार्टियों में वार-प्रतिवार का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को कानून मंत्री रविशंकर कांग्रेस सहित उन सभी नेताओं पर जम कर बरसे जिन्होंने घाटी में चलाए जा रहे सेना के ऑपरेशन पर सवालिया निशान लगाया। रविशंकर प्रसान ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से जवाब मांगा।
यही नहीं भाजपा इस मामले में कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल रही है। भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर कांग्रेस से एक के बाद एक कई सवाल पूछे हैं। यही नहीं भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की एक फोटो शेयर कर कहा है कि आजाद और शोज अपवाद नहीं है। राहुल गांधी और सोनिया भी उनमें से ही एक हैं। भाजपा ने लिखा है कि कांग्रेस पार्टी में वही सही स्थान पाता है जो पाकिस्तान का समर्थक है। तारिक हमीद कारा जो पाकिस्तान का समर्थक है और पाकिस्तानी भाषा बोलता है उसे राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस में शामिल ही नहीं करते बल्कि उचित स्थान देते हैं।
सोशल मीडिया पर भाजपा ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस से कई सवाल दागे हैं। बीजेपी ने यह भी पूछा है कि क्या राहुल गांधी और उनकी पार्टी पाकिस्तान और आतंकवादियों का एजेंडा आगे बढ़ा रही है?
इससे पहले आज सुबह कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस काल के आंकड़े पेश किए और कहा, 'जम्मू और कश्मीर में साल 2012 में 72, 2013 में 67 आतंकियों को मार गिराया गया था। जून 2014 में हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद 2014 में 110, 2015 में 108, 2016 में 150, 2017 में 217 और मई 2018 तक 75 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है। ऐसे में गुलाम नबी आजाद को अपनी सरकार और हमारी सरकार के बीच फर्क देखना चाहिए। लश्कर-ए-तैयबा कांग्रेस की बात का समर्थन कर रहा है।'
बता दें कि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बयान दिया था कि सेना के ऑपरेशन में आतंकी से ज्यादा आम लोग मरते हैं। उन्होंने पुलवामा का उदाहरण भी दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलवामा में एक आतंकी मरा, लेकिन 13 आम लोग मारे गए थे।
वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोज ने अपनी किताब 'कश्मीर: ग्लिम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' में परवेज मुशर्रफ के उस बयान का भी समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर घाटी में मतदान की स्थितियां होती हैं तो कश्मीर के लोग भारत या पाक के साथ जाने की बजाय अकेले और आजाद रहना पसंद करेंगे।
गुलाम नबी आजाद बयान और सोज की किताब में भारत विरोधी बातें लिखने के बाद सियासत काफी गर्म बनी हुई है। वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाल कहा है कि नबी और सोज के बयान का खंडन करने हुए कहा है कि वो उनकी निजी राय है और इनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है।