इसके अलावा युवा मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन 15-16 दिसंबर को दिल्ली के सिविक सेंटर में और 21-22 दिसंबर को राष्ट्रीय महिला मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन अहमदाबाद के अटलज के पास त्रिदेव मंदिर में आयोजित किया जाएगा। महिला मोर्चे के अधिवेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
अगले वर्ष 19-20 जनवरी को अनुसूचित मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन नागपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा शीर्ष नेता राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और थावरचंद गहलोत संबोधित करेंगे। 31 जनवरी - 1 फरवरी को नई दिल्ली में अल्पसंख्यक मोर्चे की बैठक होगी जिसे अमित शाह संबोधित करेंगे।
दो और तीन फरवरी को भुवनेश्वर में अनुसूचित जनजाति मोर्चे और 15-16 फरवरी को ओबीसी मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। ओबीसी मोर्चे के अधिवेशन को अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास संबोधित करेंगे।
इसके अलावा पार्टी के किसान मोर्चे का राष्ट्रीय अधिवेशन 21-22 फरवरी को उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। हालांकि पार्टी ने इसके लिए अभी स्थान का चयन नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि यह अधिवेशन पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। पीएम इस अधिवेशन के दूसरे दिन यानी 22 फरवरी को किसानों की एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। वे इस सभा में किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं।