भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया और मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई हिंसा और स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) भर्ती में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
2019 से भी ज्यादा बदतर स्थिति- अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'हाल के दिनों में राज्य में 2019 में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देखी गई हिंसा से भी बदतर स्थिति देखने को मिली है। हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है, दुकानों को लूटा जा रहा है, मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास का क्या दोष था, जिनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई? क्या सिर्फ इसलिए कि वे हिंदू थे?"
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कई जिलों में अफस्पा लगाने की मांग
इससे पहले पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया और दक्षिण 24 परगना जिलों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए हिंदू समुदाय के खिलाफ लक्षित हिंसा का आरोप लगाया था। इस सप्ताह भेजे गए पत्र में महतो ने अनुरोध किया कि मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया और दक्षिण 24 परगना को अफस्पा के तहत 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया जाए।
भाजपा सांसद ने हाईकोर्ट और शुभेंदु अधिकारी को दिया धन्यवाद
भाजपा सांसद ने कहा, 'पिछले कई दिनों से, 'जम्मू और कश्मीर जैसी' स्थिति - जब 1990 के दशक में हिंदुओं को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था - पैदा हो गई है, खासकर बंगाल के इन चार जिलों में।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से अफस्पा लागू करने और नियंत्रण केंद्रीय बलों को सौंपने का अनुरोध किया है। अन्यथा, जो सीरिया में हुआ या बांग्लादेश में हो रहा है, जो जम्मू और कश्मीर में हुआ - वैसी ही स्थिति अब यहां भी सामने आ रही है।' ज्योतिर्मय सिंह महतो ने मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और कलकत्ता उच्च न्यायालय को धन्यवाद दिया, लेकिन जोर देकर कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस क्षेत्र को 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया जाना चाहिए।'
हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद में तीन लोगों की मौत
हाल ही में वक्फ अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद और जंगीपुर में हिंसा भड़क उठी, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की, पथराव किया और पुलिस वाहनों को आग लगा दी। पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, नए वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जुड़ी हिंसक झड़पों के बाद शुक्रवार रात मुर्शिदाबाद में तीन लोगों की मौत हो गई। आईजी साउथ बंगाल फ्रंटियर करणी सिंह शेखावत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने राज्य पुलिस के अभियानों का समर्थन करने के लिए पांच कंपनियों को तैनात किया है।
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ममता बनर्जी पर शुभेंदु अधिकारी का हमला
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'डिवीजनल बेंच ने सीएपीएफ को सामान्य स्थिति बहाल करने की पूरी आजादी दी है। ममता बनर्जी के लिए यह शर्म की बात है कि मुर्शिदाबाद के हिंदू लोग अपनी जान बचाने के लिए अपना घर-बार छोड़कर मालदा जा रहे हैं... यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है... न नौकरी है, न स्वास्थ्य, न शिक्षा व्यवस्था, सिर्फ वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण है... हिंदुओं पर अत्याचार किया जाता है, हिंदुओं को मारा जाता है, हिंदुओं की दुकानें लूटी जाती हैं, हिंदुओं के मंदिर तोड़े जाते हैं'।