भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण मानक इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था अब कोरोना काल की कठिनाइयों से उबर चुकी है। अब यह भी स्वीकार किया जाने लगा है कि इस वित्त वर्ष में देश डबल डिजिट यानी कम से कम 10 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल करने में सफल रहेगा।
भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कोरोना काल के संकट के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम न करने को सही ठहराया और कहा कि इसी नीति के कारण कोरोना काल में भी सरकार को धन के लिए बाहर से दबाव नहीं झेलना पड़ा। यदि सरकार ऐसी नीति न अपनाती तो देश को आज अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तरह भारी दबाव की स्थिति से गुजरना पड़ता।
अब जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, सरकार पेट्रोल की कीमतें कम करके जनता को राहत दे रही है। यह करना इसलिए संभव हो पा रहा है क्योंकि अब अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है और केंद्र सरकार के पास कल्याणकारी योजनाओं के लिए विभिन्न माध्यमों से धन एकत्र करने का अवसर मिल रहा है।
अमर उजाला के इस सवाल पर कि क्या पांच चुनावी राज्यों में चुनाव बीत जाने के बाद भी जनता को यह राहत मिलती रहेगी, विशेषकर यह ध्यान रखते हुए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, भाजपा नेता ने कहा कि सरकार सही समय पर सही निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात में लगभग 45 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। देश के पास पर्याप्त मात्रा में विदेशी मुद्रा है और इसी कारण अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ब्याज दर में अपनी नीति के अनुसार परिवर्तन करने में समर्थ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश बेहतर तरीके से प्रगति करेगा।
अग्रवाल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका जैसे देशों में भी महंगाई एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। यह पिछले 30 वर्षों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका द्वारा ज्यादा करेंसी की छपाई और बाहर से अर्थव्यवस्था में धन झोंकने की कोशिश मानी जा रही है।
जबकि भारत ने 30 लाख करोड़ रुपये क्षेत्रवार के आधार पर विभिन्न उद्योगों को मजबूती देने के लिए दिया गया। इससे विभिन्न क्षेत्रों को उत्पादन बढाने का अवसर मिला और अर्थव्यवस्था को पटरी पर वापस लाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि देश की अर्थव्यवस्था आज वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में ज्यादा बेहतर स्थिति में है। यह केवल केंद्र की बेहतर नीतियों के कारण हो सका है।