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'नाच न जाने आंगन टेढ़ा': कांग्रेस पर शिवराज के तीखे तंज, कहा- राम जी के विरोधी आज शिवजी की बरात की बात कर रहे

Mon, 12 Oct 2026 02:18 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडिया ब्लॉक के मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' कहावत से कांग्रेस की चुनावी हार पर तंज कसा। राहुल के शिवजी की बरात वाले बयान को लेकर भी सवाल उठाए। आखिर शिवराज ने राम और शिव का जिक्र कर कांग्रेस को क्यों घेरा? उन्होंने पार्टी नेतृत्व, चुनाव आयोग और विपक्षी गठबंधन पर क्या आरोप लगाए?

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शिवराज चौहान, कृषि मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के 'शिवजी की बरात' वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग जीवनभर भगवान राम का विरोध करते रहे, वे आज शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं। शिवराज ने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामी के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि असली समस्या उसका नेतृत्व है।
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राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस कई वर्षों से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाना कांग्रेस की आदत बन गई है। शिवराज ने कहा कि लगातार चुनाव हारना और फिर सड़कों पर प्रदर्शन करना कांग्रेस की नियति बन गई है। उन्होंने 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए।

राहुल गांधी की 'शिवजी की बरात' वाली टिप्पणी पर क्या बोले शिवराज?
शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम का विरोध करते रहे, वे अब शिवजी की बरात की बात कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के मार्च को लेकर कहा कि यह शिवजी की बरात नहीं, बल्कि सड़कों पर उतरी अराजक लोगों की भीड़ है। उन्होंने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया। शिवराज ने दावा किया कि सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस वामपंथियों, जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों और गैर सरकारी संगठनों का सहारा ले रही है। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
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कांग्रेस की लगातार हार के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की चुनावी हार का कारण चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका दिशाहीन नेतृत्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व देश और उसकी जनता को नहीं समझता। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी के भीतर खींचतान और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने का जिक्र किया। शिवराज के मुताबिक, कांग्रेस कई राज्यों में अंदरूनी विवादों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कमजोरियों को दूर करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।

किन राज्यों में कांग्रेस की स्थिति पर उठाए सवाल?
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में कांग्रेस करीब 59 साल, पश्चिम बंगाल में 49 साल, सिक्किम में 42 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल और बिहार में 36 साल से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि तीन-चार राज्यों को छोड़कर कांग्रेस बाकी जगह सहयोगी दलों पर निर्भर है। शिवराज ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कांग्रेस द्रमुक, बिहार में राजद और उत्तर प्रदेश में सपा या बसपा के सहारे राजनीति करती रही है।

संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
शिवराज ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और झूठ फैलाकर सड़कों पर अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए गलत तरीके अपना रही है। शिवराज के मुताबिक, अदालत का फैसला अनुकूल नहीं होने पर कांग्रेस न्यायपालिका पर सवाल उठाती है और चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को निशाना बनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना जब आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करती है, तब कांग्रेस सुरक्षा बलों पर भी सवाल उठाती है।

कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक को लेकर क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को तोड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों से हाथ मिला रही है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक पर भी निशाना साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपना रही है। उनके मुताबिक, पार्टी को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय अपने नेतृत्व और संगठन की स्थिति सुधारनी चाहिए।
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