पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि रामनवमी रैली के दौरान हुगली और हावड़ा में हिंसक घटनाएं भारतीय जनता पार्टी की वजह से हुईं। बंगाल सीएम ने केंद्र की ओर से भेजे जाने वाली फैक्ट-फाइंडिंग टीम पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल किया कि जब अब चीजें फिर सामान्य हो रही हैं फिर इस टीम के भेजने का क्या औचित्य है? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। बंगाल सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा फैक्ट फाइंडिंग टीम फिर हिंसा भड़काने के लिए भेज रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसक वारदात भाजपा के कारण हुई। पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। बैठक के दौरान उन्होंने कहा था कि वे शाम को रैली निकालेंगे पर उन्होंने जानबूझ कर लोगों को भड़काने के लिए नमाज के समय रैली निकाली।
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर यह आरोप फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रामनवमी हिंसा मामले में अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद लगाया है। अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पूर्व नियोजित और योजनाबद्ध थी। इसे उकसाने के लिए किया गया था। फैक्ट फाइंडिंग कमिटी ने हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है।
सीएम ममता के भाषण के बाद पश्चिम बंगाल में भड़की थी हिंसा: समिति
पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश नरसिम्हा रेड्डी की अगुवाई वाली छह सदस्यीय तथ्य जांच समिति ने तीन दिन की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रामनवमी पर पश्चिम बंगाल में हुई हिंसक घटनाएं अचानक भावावेश में आकर नहीं हुई थीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत शोभा यात्राओं को निशाना बनाया गया था।
समिति के सदस्यों ने हावड़ा और हुगली का तीन दिवसीय दौरा करने के बाद अंतरिम रिपोर्ट में कहा, 30 मार्च को रामनवमी से ठीक पहले ममता बनर्जी ने सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ भाषण में कहा था कि 'मुस्लिम क्षेत्रों' से गुजरने वाली शोभा यात्राओं पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान से प्रोत्साहित उन्मादी सांप्रदायिक भीड़ ने शांतिपूर्ण तरीके से निकल रहीं रामनवमी शोभा यात्राओं को निशाना बनाया। इस दौरान राज्य पुलिस दंगा नियंत्रण करने की बजाय मौके से पूरी तरह गायब रही। समिति ने निष्पक्ष और स्वतंत्र कार्रवाई के लिए जांच एनआईए को सौंपेने की सिफारिश करते हुए कहा, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई जरूरी है। साथ ही पीड़ितों को सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती को बढ़ाई जाए और निर्दोष पीड़ितों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।
एनआईए जांच पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
उधर, रामनवमी पर हावड़ा में हुई हिंसा की जांच एनआईए से कराए जाने के लिए पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी की जनहित याचिका पर सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ के सामने राज्य के महाधिवक्ता सोमेंद्रनाथ मुखर्जी ने एनआईए जांच का विरोध करते हुए कहा, राज्य पुलिस पहले से ही मामले की जांच कर रही है। वहीं, एनआईए का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्ति महाधिवक्ता अशोक चक्रवर्ती ने कहा, हिंसा के दौरान कई विस्फोट हुए हैं, लिहाजा नियमों के मुताबिक स्वतः ही यह एनआईए की जांच का विषय है।
मुंबई में मस्जिद के पास रची गई थी हिंसा की साजिश : पुलिस
वहीं, रामनवमी शोभायात्रा के दौरान मलाड के मालवणी इलाके में हुई हिंसा पूर्व नियोजित थी। मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मालवणी में 30 मार्च को रामनवमी शोभायात्रा पर हुए पथराव और हिंसा की साजिश मस्जिद के पास बैठकर रची गई थी। इस घटना से जुड़े 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 200 से ज्यादा पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।