अनिल बलूनी ने कहा कि क्या यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता। क्या सोनिया-मनमोहन सिंह की सरकार विजय माल्या और उनकी कंपनी को पाल-पोस नहीं रही थी। आखिर कांग्रेस अध्यक्ष इसका जवाब क्यों नहीं देते? बलूनी ने कहा कि दरअसल राहुल गांधी वैचारिक दिवालिएपन का शिकार हैं। उन्हें खुद नहीं पता होता कि वह कब क्या बोलते, क्या करते और क्या समझते हैं?