प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने को लेकर सरकार और भाजपा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया है। सरकार और पार्टी ने राहुल को आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष जितना बोलेंगे, कांग्रेस उतना ही बेनकाब होगी।
भाजपा ने कहा कि राहुल के बोलने से भूकंप नहीं आएगा, बल्कि उनके ही पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। प्रधानमंत्री के संसद से भागने संबंधी राहुल के आरोपों पर भी कटाक्ष करते हुए सरकार ने कहा कि गुम होने की आदत कांग्रेस उपाध्यक्ष की है, प्रधानमंत्री की नहीं।
प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगते ही सरकार के कई मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ अलग-अलग मोर्चा खोल दिया। मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बातें बनाना छोड़ कर राहुल को अपने आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत सामने लाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक ओर मोदी सरकार देश बदलने की मुहिम में लगी है तो कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष नोट बदलने की मुहिम के तहत काला धन को सफेद बनाने में जुटे हैं। उन्होंने राहुल के प्रधानमंत्री के संसद में न आने संबंधी आरोपों पर भी पलटवार किया और कहा कि लगातार 50 दिन गुम रहने की आदत खुद राहुल की है।
जावड़ेकर ने प्रधानमंत्री के संसद में आने की मांग पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी लोकसभा में तो कभी राज्यसभा में पीएम की उपस्थिति की मांग करता है। शायद कल वह कहे कि पीएम को एक साथ दोनों सदनों में मौजूद रहना चाहिए।
पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी राहुल के आरोपों को बड़ा मजाक करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। अगर उनमें दम है तो वह सबूत के साथ सामने आएं। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने भी जवाबी हमला बोला।