भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ‘कट मनी’ संस्कृति के कारण केंद्र किसानों के बीच वितरित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को नकद राशि नहीं भेजी जा रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मांग कर रही है कि जो राशि केंद्र की ओर से किसानों को वितरित की जा रही है वह राशि आगे वितरित करने के लिए राज्य सरकार को भेज दी जाए।
उन्होंने आरोप लगाया, 'हमने देखा है कि नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को चक्रवात अम्फान आपदा से निपटने के लिए दी गई राशि का कैसे दुरुपयोग किया गया और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बैंक खातों में राशि बढ़ गई।' घोष ने कहा कि इसी कारण से पैसा राज्य सरकार को नहीं भेजा जाएगा, बल्कि किसानों के खातों में सीधे भेजा जाएगा।
उधर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र झूठी कहानी फैला रहा है कि राज्य सरकार किसानों को नकद लाभ प्राप्त करने से वंचित कर रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केवल यह कहा था कि राशि सीधे उनके खातों में भेजने के बजाय राज्य के माध्यम से दी जाए।
दिलीप घोष ने कहा कि राज्य के किसानों का नुकसान हो रहा है और पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने पर (2021 के विधानसभा चुनावों में) उनका बकाया दिया जाएगा।' उन्होंने भाजपा की चुनावी तैयारियों के बारे में कहा कि पार्टी एक नया अभियान शुरू किया है जो बूथ आधारित होगा और स्थानीय पार्टी नेताओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि बंगाल में अगले साल चुनाव होने हैं।
घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 78,000 बूथ हैं और पार्टी पश्चिम बंगाल में 'अराजकता और अंतहीन भ्रष्टाचार' को उजागर करेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस घोषणा का उल्लेख करते हुए कि सिंगूर में कृषि आधारित पार्क स्थापित किया जाएगा, दिलीप घोष ने कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल में औद्योगिकीकरण लाने के दिन में सपने देख रही है।