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Bengal ED Raids: भाजपा ने ईडी की कार्रवाई पर TMC को घेरा, ममता ने भी किया पलटवार; जानें किसने क्या कहा?

Fri, 09 Jan 2026 12:58 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bengal ED Raids: दिल्ली में भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईडी की छापेमारी के खिलाफ टीएमसी के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। इसके बाद सीएम ममता बनर्जी ने भी भाजपा नेता के बयान पर पलटवार किया है। आइए जानते है सीएम ने क्या कहा?
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भाजपा-टीएमसी आमने सामने - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में गुरुवार से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। राजनीतिक परामर्श फर्म आईपैक (I-PAC) के कोलकाता स्थित घर और ऑफिस पर छापेमारी के बाद टीएमसी केंद्र की भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। ऐसे में शुक्रवार को राजधानी दिल्ली और बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर मोर्चा खोला। अब टीएमसी के प्रदर्शन पर दिल्ली में आयोजित भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को घेरा है।

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ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती-भाजपा
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। सीएम ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदाराना और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है।' भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच नहीं होने देती हैं। ममता बनर्जी पर ईडी के अधिकारियों को भी धमकाने का आरोप लगाया।


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ममता बनर्जी ने भी किया पलटवार
इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और रणनीतिक सामग्री जब्त कर ली। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि क्या ईडी का काम है कि वह हमारी पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवार सूची ले जाए? अगर अमित शाह को बंगाल चाहिए, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से लड़ें और जीतें। हमने सुबह 6 बजे से सारी सामग्री जब्त होते देखा। यह एक अपराध है।

ममता ने यह भी कहा कि I-PAC कोई निजी संस्था नहीं है, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस के लिए अधिकृत टीम है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने संवेदनशील दस्तावेज और विशेष गहन निर्वाचन सुधार (एसआईआर) से जुड़ा डेटा जब्त किया। हालांकि ईडी ने ममता के आरोपों का खंडन किया। ईडी ने कहा कि ममता बनर्जी ने I-PAC के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापे के दौरान प्रवेश किया और महत्वपूर्ण सबूत ले गई, जिसमें दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। इसके बाद ममता और उनके सहयोगियों ने I-PAC कार्यालय से फिजिकल और डिजिटल सबूत जब्त किए।

ईडी अधिकारियों को धमकाने का आरोप
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री, एक प्राइवेट प्रॉपर्टी में घुसकर जहां ईडी के द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई चल रही है, वहां जाती हैं और धमकाती हैं। पेपर छीनकर करके वहां से चली जाती। भाजपा सांसद ने कहा कि ईडी की रेड एक निजी कंपनी पर थी, जो कि कोयला घोटाले से जुड़ी थी।


ममता बनर्जी क्यों घबराईं हुई हैं? भाजपा ने पूछा
भाजपा ने ममता बनर्जी को घेरते हुए सवाल किया कि इस मामले में ममता बनर्जी क्यों घबराईं हुई हैं? ममता बनर्जी का रवैया अर्मयादित है। वो इस जांच के खिलाफ क्या छिपाना चाहती हैं। भाजपा ने आगे कहा कि कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी दस्तावेज उठाकर ले गईं।

ये भी पढ़ें: I-PAC Raid: प्रतीक जैन के परिवार का ED पर दस्तावेज चोरी का आरोप, दर्ज कराई शिकायत; हाईकोर्ट पहुंची एजेंसी

कोलकाता में ईडी की रेड से सियासी बवाल
गौरतलब है कि गुरुवार (08 जनवरी) को ईडी की टीम ने राजनीतिक परामर्श फर्म आईपैक आईपैक (I-PAC) के कोलकाता स्थित ऑफिस और कंपनी प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान खुद सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंची थी। इसी के साथ उन्होंने ईडी पर जरूरी दस्तावेज चोरी करने के आरोप लगाए। साथ ही केंद्र की मोदी सरकार को भी घेरा।   

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भाजपा ने पूछे कई सवाल
वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मुख्यमंत्री बनर्जी पर पलटवार किया है और कई सवाल पूछे हैं। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ममता बनर्जी कभी बंगाल के लोगों के लिए खड़ी नहीं हुईं। आज की उनकी रैली भ्रष्टाचार बचाओ रैली का एक संस्करण है। ममता बनर्जी को डर है कि जांच के दौरान उनके करीबी दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। ममता को  जवाब देना चाहिए-

  • इतनी बेचैनी क्यों है?
  • उन दस्तावेजों में क्या है?
  • वह किसे बचाने की कोशिश कर रही हैं?
  • पीएमएलए अधिनियम की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती अभियान में एक निजी कंपनी का बचाव करने में उनका क्या स्वार्थ है?
  • क्या टीएमसी यह तय करेगी कि किसी जांच होनी चाहिए और किसकी नहीं?
  • टीएमसी डरी हुई है, घबराई हुई है और उत्तेजित है, क्योंकि बंगाल की जनता उसके 'महा जंगलराज' के खिलाफ खड़ी हुई है।

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