कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ''आज जो दिनभर चला है और इससे पहले 3 दिन जो चला है, उससे दो बातें साफ हैं- पहली बात, अराजकता को प्रोत्साहित करने की कोशिश को भारत के लोकतंत्र ने ध्वस्त किया है। दूसरी बात, देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं।''
भाजपा नेता ने कहा, ''कल रिजल्ट आए। असम में भाजपा जीती, नंदीग्राम में जीती और एक क्षेत्र जहां 70% से अधिक अल्पसंख्यक मतदाता हैं, वहां भी भाजपा 70 हजार से अधिक मतों से जीती, पुदुचेरी में भी एनडीए ही जीता है। ये सब चुनाव तब हुए हैं, जब दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से ये अराजकता फैलाने की खुराफात की जा रही है।''
सीजेपी करती है आम आदमी पार्टी की शैडो बॉक्सिंग : भाजपा
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''हम प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आपने अपनी हार के कारण सड़क के प्रदर्शन को हथियार बना लिया है। हम अराजकता के खिलाफ हैं। प्रदर्शन में भी कमाल है, एक प्रतिस्पर्धा है। पहले 3 दिन राहुल गांधी रहे, वो चले गए। फिर आ गए आम आदमी पार्टी के लिए शैडो बॉक्सिंग वाले सीजेपी। सीजेपी, आम आदमी पार्टी की शैडो बॉक्सिंग करती है। ''
उन्होंने कहा, ''सुबह से उनका नाटक चल रहा था, बाद में फिर अरविंद केजरीवाल और बाकी लोग आ गए। फिर ममता जी ने सोचा कि हम क्यों पीछे रहें, तो वो भी आ गई और फिर सीपीआई और सीपीएम भी चले आए। ये हारे हुए हताश लोग पिछले 3-4 दिन से दिल्ली की जनता को परेशान कर रहे हैं और सड़क के प्रदर्शन को हथियार बना रहे हैं। हमें गर्व है, हिंदुस्तान की जनता पर कि उन्होंने इनके इस षड्यंत्र को असफल किया है। लोकतंत्र की शालीनता, जनता का आशीर्वाद, अराजकता पर विजयी हुआ है।''
पहले ईवीएम और अब एसआईआर पर सवाल : रविशंकर प्रसाद
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा, ''ये लोग चाहते क्या हैं? जब पीएम मोदी 2014 में जीते, तो इन्होंने (विपक्ष ने) 2015 से ईवीएम की कहानी शुरू की। उस समय मैं देश का कानून मंत्री था, संसद में बहुत बहस हुई। हमने इन्हें बताया कि आप जीते, तो ईवीएम ठीक और मोदी जीतें, तो ईवीएम खराब। फिर 2019 और 2024 में जब मोदी जी जीत गए, तो इन्होंने एसआईआर की कहानी शुरू की।''
भाजपा नेता ने कहा, ''देश में 9 से अधिक बार एसआईआर हो चुका है। ये कानून में प्रावधान है। जो मर गए, वो वोटर नहीं रह सकते। जो अपने क्षेत्र में निवास नहीं करते, वो वोटर नहीं बन सकते और एक जगह से अधिक के आप वोटर नहीं बन सकते। अब तक 2.89 करोड़ मतदाता मृत पाए गए हैं। 6.3 करोड़ विस्थापित हो चुके हैं। एक करोड़ डुप्लीकेट और तीन करोड़ गैरमौजूद मिले हैं। ये संख्या करीब 13 करोड़ है।''
उन्होंने कहा, ''मेरा सवाल है कि जो घुसपैठिए हैं, भारत के नागरिक नहीं हैं, क्या उन्हें वोटर बनना चाहिए। ये लड़ाई किस बात की कर रहे हैं, आखिर ये चाहते क्या हैं? राहुल गांधी, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते। और अब तो ये हाल है कि उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने को भी झूठ बयानी का आधार बना लिया है। आज राष्ट्रपति के सोर्स द्वारा भी कहा गया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जो बातें कही हैं, वो गलत हैं। ''
भाजपा नेता ने राहुल गांधी से क्यों कहा- बंद करें बदतमीजी?
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, ''राहुल गांधी, आपातकाल का नैरेटिव गढ़ना बंद करें। और ये बदतमीजी बंद करें। हर कोई आपकी दादी इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का इतिहास जानता है। सबको पता है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया था। उस समय कम्युनिस्ट आपातकाल के समर्थक थे। हमें आपातकाल पर उपदेश मत दीजिए। हमने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।''
उन्होंने कहा, ''भारत कोई राजनीतिक या आर्थिक रूप से अस्थिर देश (बनाना रिपब्लिक) नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न तो झुका है और न ही कभी झुकेगा। फैसले राष्ट्रीय हित में लिए जाएंगे और किसी का एकाधिकार स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय।''