राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की गौरव यात्रा पर भाजपा और कांग्रेस में ठन गई है। कांग्रेस ने भाजपा के प्रचार में राज्य सरकार के धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है, जहां सरकारी धन का दुरुपयोग करके राजस्थान में भाजपा का प्रचार हो रहा है। राजस्थान सरकार की भामाशाह योजना पूरी तरह से पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल पर समर्पित है।
भामाशाह योजना के तहत वितरित होने वाले कार्ड और योजना के तहत निकलने वाले प्रिंट आऊट में कमल का चिन्ह बिलुकल ऊपर रहता है। कमल भाजपा का चुनाव निशान है। राज्य सरकार ने इस कमल की डिजाइनिंग में थोड़ी सी सावधानी बरती है। इसमें कमल का फूल खिला हुआ है। फूल के नीचे के डंठल नहीं है और भाजपा के चुनाव चिन्ह में अंकित कमल के फूल से डिजाइन में भिन्न है, लेकिन लोगो में बाकायदा कमल का फूल ही है।
राजस्थान सरकार के दो डिजिफेस्ट कार्यक्रम (जयपुर और बीकानेर) में सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अखिल अरोड़ा ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हां, बातचीत के दौरान उन्होंने माना कि भामाशाह योजना में कमल के फूल का इस्तेमाल हो रहा है। अखिल अरोड़ा के अलावा राज्य सरकार के अन्य अफसरों ने भी इस बारे में कोई जवाब देना उचित नहीं समझा। यहां तक कि पार्टी के स्थानीय नेता और मंत्रियों ने भी इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि सभी का मानना है कि सरकार के कामकाज में राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह का इस तरह से प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी के नेता उमेश पंडित ने अमर उजाला को बताया कि इस तरह से कमल फूल का सरकारी खर्च पर सरकारी योजना का संदेश देने के बहाने अपनाया गया तरीका अनैतिक है। वहीं भाजपा के राजस्थान से आने वाले भाजपा के एक सांसद का कहना है कि इस बारे में राज्य की मुख्यमंत्री या सरकार ही सही उत्तर दे सकती है।