बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार को नक्सलबाड़ी के एक छोटे से गांव से मिशन बंगाल का शुभारंभ किया। ये वो इलाका है जहां 1960 के दशक में हिंसक नक्सल विद्रोह शुरू हुआ था। नक्सलबाड़ी में 'बूथ चलो' अभियान की शुरुआत करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं चाहता हूं कि आप लोग इतना जोर से चिल्लाओ कि कोलकाता तक ये आवाज सुनी जा जाए। बता दें कि अमित शाह अपने 3 दिवसीय बंगाल यात्रा पर हैं। शाह ने कहा, "यह वह जगह है जहां हिंसा शुरू हुई थी। मुझे यहां कमल खिलने पर खुशी हो रही है"।
बीजेपी अध्यक्ष ने एक समर्थक राजू पहाड़ी के घर लंच किया। उन्हें लंच में चावल, दाल, रोटी-आलू पापड़ और भाजी परोसी गई। शाह ने इस दौरान एक रैली को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'सोनार बांग्ला गरीब होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं आश्वस्त हूं कि बंगाल में कमल खिलेगा। 2019 लोकसभा चुनाव में हमें बंगाल में और वोट मिलेगा।'
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अमित शाह ने राज्य की सतारुढ़ सरकार टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि त्रिणमुल नेताओं से कहना चाहता हूं कि जितना अत्याचार करोगे, हिंसा का कीचड़ फैलेगा और इसी कीचड़ में कमल और तेजी से खिलेगा। दरअसल, अमित शाह 2019 के लोकसभा चुनाव पर नजरें टिकाते हुए वह उन राज्यों में पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं, जहां बीजेपी परंपरागत तौर पर कमजोर रही है। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और तेलंगना शामिल है।