भाजपा शासित राज्यों में अब गोरक्षा के नाम पर हो रही ज्यादतियों पर लगाम कसा जाएगा। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शनिवार को इस मामले पर गहरी नाराजगी जताए जाने के बाद भाजपा नेतृत्व ने पार्टी शासित राज्यों को इस मामले में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह 23 अगस्त को राज्य संगठन और 27 अगस्त को पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में भी इस मामले पर गंभीर विचार-विमर्श करेेंगे। भाजपा का कहना है कि गोरक्षा के नाम पर विभिन्न राज्यों में हुई घटनाओं में हिंदू महासभा, शिवसेना सहित कई ऐसे संगठनों के नाम सामने आए, जिनका न तो पार्टी से लेनादेना रहा है और न ही संघ से।
खास तौर से ऊना में मृत गाय की खाल उतारने पर दलितों की हुई पिटाई मामले के राष्ट्रव्यापी मुद्दा बन जाने के कारण न सिर्फमोदी सरकार बल्कि भाजपा भी चिंतित है।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने स्वशासित राज्यों को हर हाल में गोरक्षा के नाम पर हो रही ज्यादतियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। खासतौर से हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसी घटनाओं की रिपोर्ट मंगाने पर पता चला है कि ज्यादतियों में शामिल लोग या तो नामालूम से संगठन से जुड़े हैं या फिर इनका नाता शिवसेना और हिंदू महासभा जैसी पार्टियों और संगठन से है।
मगर चूंकि ये घटनाएं पार्टी शासित राज्यों में हो रही है, इसलिए इन मामलों में निशाने पर मोदी सरकार है। यही कारण है कि पीएम मोदी की ओर से सख्त नाराजगी जताने के तत्काल बाद पार्टी नेतृत्व ने भी पार्टी शासित राज्यों को आगाह करने में देर नहीं लगाई।