संसद के शीतकालीन सत्र से पहले भाजपा के कार्यकारिणी की बैठक रविवार को संसद भवन में हुई। इसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत भाजपा कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौजूद रहे। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत कई अन्य बड़े नेता पहुंचे। इसके बाद एनडीए की भी अहम बैठक शुरू हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान शीतकालीन सत्र के लिए खास रणनीति बनाई गई। इस दौरान नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने जहां नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को वापस लेने की मांग की वहीं जदयू, अपना दल, आरपीआई जैसे दल जातिगत जनगणना के मामले में सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
एनपीपी की नेता अगाथा संगमा ने कहा, मैंने सीएए को वापस लेने की मांग रखी है। इस कानून के कारण पूर्वोत्तर में लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के पास नागरिकता से संबंधित ठोस दस्तावेज नहीं हैं। इसी कारण असम में जनजाति वर्ग के कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। संगमा ने कहा, पूर्वोत्तर के लोगों की भावनाओं का आदर किया जाना चाहिए।
नायडू ने राज्यसभा फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई
इसके बाद राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने अपने आवास पर राज्यसभा फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई। इसमें कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा शरद पवार, रामदास अठावले, डेरेक ओब्रायन समेत कई नेता शामिल हुए। इस दौरान नायडू ने सभी से सदन की शांतिपूर्वक कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया है।
शीर्ष न्यायालय की टिप्पणी को लेकर कुछ दलों ने चिंता प्रकट की
संसद और विधानसभाओं के कामकाज तथा कानून बनाने के तरीकों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर चिंता प्रकट करते हुए कुछ नेताओं ने वेंकैया नायडू से कहा कि यह पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि नियमों का किसी तरह का उल्लंघन होने पर वे कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य संवैधानिक संस्थाओं को इस पर प्रतिकूल टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा-एनडीए की मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि रविवार को ऑल पार्टी मीटिंग और NDA पार्टनर्स के प्रो-लीडर्स की भी बैठक हुई। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हमने विपक्ष से अपील की है कि आप बहस करिए और हम सरकार की ओर से हर मुद्दे पर बहस करके आपको जवाब देना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि तीन कृषि कानून रद्द करने वाले विधेयक शुक्रवार को राज्यसभा सदस्यों के बीच बांट दिए गए थे। लोकसभा द्वारा पारित होने के बाद सरकार कल ही राज्यसभा में विधेयक पेश कर सकती है।
26 नए विधेयक पेश करेगी भाजपा
29 नवंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में भारतीय जनता पार्टी की ओर से 26 नए विधेयक पेश करने की योजना बनाई गई है। इन विधेयकों में कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक भाजपा की प्राथमिकता पर रहेगा। मोदी कैबिनेट की ओर से इस कानून की वापसी के प्रस्ताव पर पिछले दिनों मुहर लगा दी गई थी।