सार
आरएसएस प्रतिनिधि सभा की बैठक में एक नया सहकार्यवाह या महासचिव चुना जाएगा। इसलिए ये बैठक अहम है। वर्तमान महासचिव दत्तात्रेय होसबले है। संभावना है कि उन्हें दोबारा पद मिल सकता है, क्योंकि आरएसएस अपने शीर्ष पदाधिकारियों को कई कार्यकाल देने के लिए जाना जाता है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार देर रात नागपुर हवाई अड्डे पहुंचे हैं। नड्डा नागपुर में आरएसएस द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) कार्यक्रम में शामिल होंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दो दिन पहले (एबीपीएस) का उद्घाटन किया। इस दौरान, आरएसएस के संयुक्त महासचिव डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि अल्पसंख्यक सक्रिय हैं। संघ को लेकर उनके मन में जो डर पैदा किया गया था, वह अब धीरे-धीरे दूर हो रहा है।
आरएसएस में भी चुनावी साल
आरएसएस प्रतिनिधि सभा की बैठक में एक नया सहकार्यवाह या महासचिव चुना जाएगा। इसलिए ये बैठक अहम है। वर्तमान महासचिव दत्तात्रेय होसबले है।. इसकी संभावना है कि उन्हें दोबारा पद मिल सकता है, क्योंकि आरएसएस अपने शीर्ष पदाधिकारियों को कई कार्यकाल देने के लिए जाना जाता है।
आरएसएस में इसके लिए हर तीन साल में चुनाव होते हैं। बैठक में आरएसएस दो-तीन प्रस्ताव भी पारित करेगा. सामाजिक राजनीतिक मसलों पर चर्चा होगी।. सामाजिक समरसता या सामाजिक एकजुटता, जातिगत भेदभाव से लड़ना, भारतीय परिवार प्रणाली को मजबूत करना, बच्चों और युवाओं को भारतीय सभ्यता, पर्यावरण, स्वच्छता, नागरिक कर्तव्यों के बारे में शिक्षित करना इत्यादि संघ की प्रतिनिधि सभा के प्रमुख मुद्दे होंगे, जिन पर चर्चा की जाएगी।
संघ 99 वर्षों से सामाजिक संगठन के रूप में कार्यरत
आरएसएस नेता सुनील आंबेकर ने कहा है कि यह प्रतिनिधि सभा लगभग छह वर्ष बाद नागपुर में हो रही है। इस बैठक में पूरे देश से 1529 प्रतिनिधि अपेक्षित हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 99 वर्षों से सामाजिक संगठन के रूप में कार्यरत है। अगले वर्ष 2025 में विजयादशमी को संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कार्य योजना को लेकर इस बार नागपुर में हो रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में विचार-मंथन होगा। 15-17 मार्च तीन दिन तक चलने वाली बैठक में संघ कार्यों और संघ शाखाओं की समीक्षा होगी।