पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की कर्मस्थली और इंदिरा गांधी की जन्म स्थली इलाहाबाद में भाजपा ने अपने पांव जमाने के लिए सबसे बड़ा पासा फेंक दिया है। नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ में पूरी सरकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिन की मौजूदगी ने कांग्रेसियों की नींद उड़ा दी है।
इलाहाबाद से पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को साधने की भाजपा की यह कोशिश आगामी विधानसभा चुनाव में नए समीकरण बनाने जा रही है। चंद्रशेखर आजाद, महादेवी वर्मा, मदनमोहन मालवीय जैसी महान विभूतियों के शहर में भाजपा का यह महाआयोजन उसे बड़े राजनैतिक लाभ की ओर ले जा सकता है।
वैसे भी गंगा प्रदूषण को मुद्दा बनाने वाली भाजपा को यूपी में अपनी मजबूत शुरुआत के लिए संगम नगरी से बेहतर और कोई जगह नहीं मिल सकती थी।